<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>High court news &#8211; Snn24</title>
	<atom:link href="https://www.snn24.news/tag/high-court-news/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.snn24.news</link>
	<description>Web News Portal</description>
	<lastBuildDate>Sun, 22 Mar 2026 04:59:06 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0.2</generator>
	<item>
		<title>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का सक्ती प्रशासन को सख्त निर्देश: किसान का 84 क्विंटल धान 30 दिन में खरीदने का आदेश, तकनीकी कारणों से खरीद से इनकार को बताया गलत</title>
		<link>https://www.snn24.news/chhattisgarh-high-courts-strict-instructions-to-sakti-administration-farmers-order-to-buy-84-quintals-of-paddy-in-30-days/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[SNN24 DESK]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Mar 2026 04:59:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Sakti]]></category>
		<category><![CDATA[Bilaspur]]></category>
		<category><![CDATA[Bilaspur news]]></category>
		<category><![CDATA[Chhattisgarh high court]]></category>
		<category><![CDATA[Chhattisgarh high court news]]></category>
		<category><![CDATA[High court news]]></category>
		<category><![CDATA[Sakti news]]></category>
		<category><![CDATA[Snn24]]></category>
		<category><![CDATA[Snn24 news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.snn24.news/?p=4321</guid>

					<description><![CDATA[<p>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सक्ती जिला प्रशासन और सहकारी समिति को निर्देश दिया है कि किसान का शेष 84 क्विंटल धान 30 दिनों के भीतर खरीदा जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि नियमों और तकनीकी आधार पर किसान को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता। जानकारी के अनुसार, मामला सक्ती जिले के ग्राम हसौद निवासी किसान लक्ष्मण &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news/chhattisgarh-high-courts-strict-instructions-to-sakti-administration-farmers-order-to-buy-84-quintals-of-paddy-in-30-days/">छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का सक्ती प्रशासन को सख्त निर्देश: किसान का 84 क्विंटल धान 30 दिन में खरीदने का आदेश, तकनीकी कारणों से खरीद से इनकार को बताया गलत</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news">Snn24</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सक्ती जिला प्रशासन और सहकारी समिति को निर्देश दिया है कि किसान का शेष 84 क्विंटल धान 30 दिनों के भीतर खरीदा जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि नियमों और तकनीकी आधार पर किसान को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जानकारी के अनुसार, मामला सक्ती जिले के ग्राम हसौद निवासी किसान लक्ष्मण कुमार चंद्रा से जुड़ा है, जिन्होंने खरीफ सीजन 2025-26 में अपनी 3.78 हेक्टेयर भूमि का पंजीयन किसान पोर्टल में कराया था। उन्हें 196 क्विंटल धान बेचने के लिए टोकन भी जारी किया गया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">किसान ने 111.20 क्विंटल धान की बिक्री कर दी थी, लेकिन शेष 84 क्विंटल धान लेने से संबंधित सहकारी समिति ने इनकार कर दिया। समिति का तर्क था कि भंडारण जांच के दौरान धान किसान के सीधे कब्जे में नहीं पाया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि बचा हुआ धान बटाईदार के पास सुरक्षित रखा गया था, जो खेती की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे में धान खरीद से इनकार करना अनुचित है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकलपीठ ने पाया कि किसान का पंजीयन और जारी टोकन दोनों वैध हैं। साथ ही, धान की कटाई और भंडारण प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई। अदालत ने कहा कि केवल तकनीकी कारणों के आधार पर धान खरीद से इनकार करना गलत है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हाईकोर्ट ने सक्ती कलेक्टर, संबंधित सहकारी समिति और अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसान का शेष धान खरीदा जाए और पूरी प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूर्ण की जाए। इसके साथ ही न्यायालय ने याचिका का निपटारा कर दिया।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news/chhattisgarh-high-courts-strict-instructions-to-sakti-administration-farmers-order-to-buy-84-quintals-of-paddy-in-30-days/">छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का सक्ती प्रशासन को सख्त निर्देश: किसान का 84 क्विंटल धान 30 दिन में खरीदने का आदेश, तकनीकी कारणों से खरीद से इनकार को बताया गलत</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news">Snn24</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>छत्तीसगढ़ में नर्सरी व प्ले स्कूलों पर हाईकोर्ट सख्त: चीफ जस्टिस बोले- गाइडलाइन सिर्फ कागजी औपचारिकता, सख्त और प्रभावी नियम बनाना जरूरी</title>
		<link>https://www.snn24.news/high-court-is-strict-on-nursery-and-play-schools-in-chhattisgarh-chief-justice-said-guidelines-are-only-paper-formality/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pradeep Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Dec 2025 05:21:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bilaspur]]></category>
		<category><![CDATA[Raipur]]></category>
		<category><![CDATA[High court news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.snn24.news/?p=3920</guid>

					<description><![CDATA[<p>छत्तीसगढ़ में नर्सरी और प्ले स्कूलों के संचालन को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 19 नवंबर 2025 को जारी गाइडलाइन को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सजा के प्रावधान के अभाव &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news/high-court-is-strict-on-nursery-and-play-schools-in-chhattisgarh-chief-justice-said-guidelines-are-only-paper-formality/">छत्तीसगढ़ में नर्सरी व प्ले स्कूलों पर हाईकोर्ट सख्त: चीफ जस्टिस बोले- गाइडलाइन सिर्फ कागजी औपचारिकता, सख्त और प्रभावी नियम बनाना जरूरी</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news">Snn24</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">छत्तीसगढ़ में नर्सरी और प्ले स्कूलों के संचालन को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 19 नवंबर 2025 को जारी गाइडलाइन को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सजा के प्रावधान के अभाव में ये गाइडलाइन केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गई हैं, जिनका कोई प्रभावी या कानूनी असर नहीं है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डिवीजन बेंच ने कहा कि गाइडलाइन से पहले ठोस और बाध्यकारी नियम बनाए जाने चाहिए, खासतौर पर उन संस्थानों के लिए जो निशुल्क शिक्षा देने के लिए बाध्य हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए कठोर नियमों का होना अनिवार्य है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या उल्लंघन पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।</p>



<h4 class="wp-block-heading">जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई</h4>



<p class="wp-block-paragraph">यह टिप्पणी भिलाई निवासी सी. भगवंत राव द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आई। याचिका में आरटीई के तहत नर्सरी स्कूलों के लिए स्पष्ट नियमों की कमी सहित अन्य मुद्दे उठाए गए हैं। इसी विषय पर सामाजिक कार्यकर्ता विकास तिवारी सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिकाओं पर भी एक साथ सुनवाई की जा रही है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">976 शिकायतें, निपटारा सिर्फ 167 का</h4>



<p class="wp-block-paragraph">हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के अनुपालन में शिक्षा सचिव ने शपथ पत्र पेश किया, जिसमें बताया गया कि सत्र 2025-26 में अभिभावकों से कुल 976 शिकायतें प्राप्त हुईं, लेकिन अब तक केवल 167 शिकायतों का ही निपटारा किया जा सका है। शेष 809 शिकायतें लंबित हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">याचिकाकर्ता की ओर से जिला-वार आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि दुर्ग में 183 में से सिर्फ 1 शिकायत, बिलासपुर में 99 में से सिर्फ 1 शिकायत, जबकि रायपुर में 199 में से 42 शिकायतों का ही निपटारा हुआ है। इन आंकड़ों पर कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि शिकायत निपटारे की गति बेहद चिंताजनक है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">बच्चों से जुड़े मामलों में देरी अनुचित</h4>



<p class="wp-block-paragraph">हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्री-नर्सरी और नर्सरी स्तर के बच्चों से जुड़ी शिकायतों को लंबे समय तक लंबित रखना स्वीकार्य नहीं है। अभिभावकों की शिकायतों का तत्काल और प्रभावी समाधान होना चाहिए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि सभी लंबित शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और अगली सुनवाई में विस्तृत शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाए।</p>



<h4 class="wp-block-heading">सरकार ने दिया पुनरीक्षण का आश्वासन</h4>



<p class="wp-block-paragraph">मामले की सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने हाईकोर्ट को भरोसा दिलाया कि स्कूल शिक्षा विभाग गाइडलाइन का पुनरीक्षण करेगा और आवश्यक संशोधन कर उन्हें कानूनी रूप देने पर विचार किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हाईकोर्ट ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस विषय की गंभीरता को समझते हुए ठोस नीति, प्रभावी नियम और मजबूत निगरानी तंत्र विकसित करेगी, ताकि छोटे बच्चों की शिक्षा से जुड़े संस्थानों में पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news/high-court-is-strict-on-nursery-and-play-schools-in-chhattisgarh-chief-justice-said-guidelines-are-only-paper-formality/">छत्तीसगढ़ में नर्सरी व प्ले स्कूलों पर हाईकोर्ट सख्त: चीफ जस्टिस बोले- गाइडलाइन सिर्फ कागजी औपचारिकता, सख्त और प्रभावी नियम बनाना जरूरी</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news">Snn24</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>छत्तीसगढ़ के ढाई लाख शिक्षकों को नहीं मिलेगा ग्रेडेशन: हाईकोर्ट से 1188 शिक्षकों की याचिकाएं खारिज, कहा- संविलियन से पहले स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारी नहीं थे</title>
		<link>https://www.snn24.news/2-5-lakh-teachers-of-chhattisgarh-will-not-get-gradation-high-court-rejected-the-petitions-of-1188-teachers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pradeep Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Nov 2025 04:36:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Raipur]]></category>
		<category><![CDATA[Bilaspur]]></category>
		<category><![CDATA[Cg high court news]]></category>
		<category><![CDATA[Chhattisgarh high court news]]></category>
		<category><![CDATA[High court news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.snn24.news/?p=3803</guid>

					<description><![CDATA[<p>छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 10 साल की सेवा पर ग्रेडेशन (क्रमोन्नति) की मांग कर रहे 1,188 शिक्षकों की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इस फैसले का असर राज्य के ढाई लाख से अधिक शिक्षकों पर पड़ेगा। जस्टिस एन.के. व्यास की बेंच ने कहा कि संविलियन से पहले शिक्षाकर्मी स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन नहीं थे, इसलिए &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news/2-5-lakh-teachers-of-chhattisgarh-will-not-get-gradation-high-court-rejected-the-petitions-of-1188-teachers/">छत्तीसगढ़ के ढाई लाख शिक्षकों को नहीं मिलेगा ग्रेडेशन: हाईकोर्ट से 1188 शिक्षकों की याचिकाएं खारिज, कहा- संविलियन से पहले स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारी नहीं थे</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news">Snn24</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 10 साल की सेवा पर ग्रेडेशन (क्रमोन्नति) की मांग कर रहे 1,188 शिक्षकों की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इस फैसले का असर राज्य के ढाई लाख से अधिक शिक्षकों पर पड़ेगा। जस्टिस एन.के. व्यास की बेंच ने कहा कि संविलियन से पहले शिक्षाकर्मी स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन नहीं थे, इसलिए उन्हें 10 साल की सेवा के आधार पर ग्रेडेशन का लाभ नहीं मिल सकता।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मामला उन शिक्षाकर्मियों से जुड़ा है, जो पहले पंचायत विभाग में ग्रेड-1, 2 और 3 के रूप में नियुक्त हुए थे और बाद में उन्हें शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षक (LB), शिक्षक (LB) और व्याख्याता (LB) के रूप में संविलियन किया गया। संविलियन के बाद भी इन्हें ग्रेडेशन का लाभ नहीं मिला, जिसके खिलाफ 1188 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि 10 साल की सेवा पूरी करने के बाद 2017 के सर्कुलर के तहत उन्हें वेतन वृद्धि (ग्रेडेशन) मिलनी चाहिए, लेकिन विभाग ने यह आदेश लागू नहीं किया। उन्होंने सोना साहू केस का हवाला देते हुए हाईकोर्ट से ग्रेडेशन देने की मांग की थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार ने जवाब में कहा कि शिक्षाकर्मी पंचायत राज अधिनियम, 1993 के तहत पंचायत कर्मचारियों के रूप में नियुक्त हुए थे और उनकी सेवा जनपद पंचायत के नियंत्रण में थी, इसलिए संविलियन से पहले वे राज्य शासन के नियमित कर्मचारी नहीं माने जा सकते।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004519216-1024x576.jpg" alt="" class="wp-image-3804" srcset="https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004519216-1024x576.jpg 1024w, https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004519216-300x169.jpg 300w, https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004519216-768x432.jpg 768w, https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004519216-390x220.jpg 390w, https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004519216.jpg 1280w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">हाईकोर्ट ने भी माना कि 10 मार्च 2017 के सर्कुलर के अनुसार ग्रेडेशन के लिए 10 साल की नियमित सेवा आवश्यक है, जबकि इन शिक्षकों की सेवा की गणना 1 जुलाई 2018 (संविलियन की तारीख) से ही हो सकती है। यानी वे 10 साल की योग्यता पूरी नहीं करते। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सोना साहू मामला इन परिस्थितियों में लागू नहीं होता।</p>



<p class="wp-block-paragraph">फैसले में यह भी कहा गया कि संविलयन नीति 30 जून 2018 में लिखा है कि शिक्षाकर्मी संविलियन की तारीख से ही सरकारी शिक्षक माने जाएंगे और उससे पहले किसी लाभ-वेतन वृद्धि, ग्रेडेशन या अन्य वित्तीय फायदे का दावा नहीं कर सकते।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यदि याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला आता, तो सरकार को प्रति शिक्षक 3.5 लाख रुपए से 15 लाख रुपए तक का भुगतान करना पड़ता। क्लास-3 शिक्षकों को सबसे अधिक लाभ होता, क्योंकि उनके और क्लास-2 के वेतनमान में बड़ा अंतर है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार ने कोर्ट में दलील दी कि शिक्षाकर्मी पहले ही समयमान वेतनमान (7 वर्ष) और 2014 में समकक्ष वेतनमान प्राप्त कर चुके हैं, लेकिन वे क्रमोन्नति (ग्रेडेशन) के पात्र नहीं हैं। हाईकोर्ट के इस फैसले से छत्तीसगढ़ में संविलियन के बाद ग्रेडेशन की मांग करने वाले हजारों शिक्षाकर्मियों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news/2-5-lakh-teachers-of-chhattisgarh-will-not-get-gradation-high-court-rejected-the-petitions-of-1188-teachers/">छत्तीसगढ़ के ढाई लाख शिक्षकों को नहीं मिलेगा ग्रेडेशन: हाईकोर्ट से 1188 शिक्षकों की याचिकाएं खारिज, कहा- संविलियन से पहले स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारी नहीं थे</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news">Snn24</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>होमवर्क न करने पर KG-2 छात्र को पेड़ पर लटकाया, हाईकोर्ट सख्त: चीफ जस्टिस बोले- क्या मजाक बना रखा है; स्कूल शिक्षा सचिव से मांगा जवाब</title>
		<link>https://www.snn24.news/kg-2-student-hanged-on-tree-for-not-doing-homework-high-court-is-strict/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pradeep Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Nov 2025 02:56:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Surajpur]]></category>
		<category><![CDATA[Bilaspur]]></category>
		<category><![CDATA[Bilaspur high court news]]></category>
		<category><![CDATA[Bilaspur news]]></category>
		<category><![CDATA[High court news]]></category>
		<category><![CDATA[Surajpur news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.snn24.news/?p=3786</guid>

					<description><![CDATA[<p>छत्तीसगढ़ में एक प्राइवेट स्कूल में 5 वर्षीय KG-2 छात्र को पेड़ पर रस्सी से लटकाने की क्रूर घटना पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स और वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले को जनहित याचिका मानकर स्वतः संज्ञान में लिया और सुनवाई शुरू की। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा &#8230;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news/kg-2-student-hanged-on-tree-for-not-doing-homework-high-court-is-strict/">होमवर्क न करने पर KG-2 छात्र को पेड़ पर लटकाया, हाईकोर्ट सख्त: चीफ जस्टिस बोले- क्या मजाक बना रखा है; स्कूल शिक्षा सचिव से मांगा जवाब</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news">Snn24</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">छत्तीसगढ़ में एक प्राइवेट स्कूल में 5 वर्षीय KG-2 छात्र को पेड़ पर रस्सी से लटकाने की क्रूर घटना पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स और वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले को जनहित याचिका मानकर स्वतः संज्ञान में लिया और सुनवाई शुरू की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा “ये बहुत गलत है, मजाक बना रखा है… एक मासूम बच्चे के साथ ऐसी ज्यादती कैसे हो सकती है?” कोर्ट ने स्कूल शिक्षा सचिव को व्यक्तिगत शपथपत्र सहित विस्तृत जवाब 9 दिसंबर तक देने के निर्देश दिए हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004517151-1024x768.jpg" alt="" class="wp-image-3787" srcset="https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004517151-1024x768.jpg 1024w, https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004517151-300x225.jpg 300w, https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004517151-768x576.jpg 768w, https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004517151.jpg 1080w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h4 class="wp-block-heading">टीचर ने होमवर्क न करने पर दी अमानवीय सजा</h4>



<p class="wp-block-paragraph">यह मामला नारायणपुर के हंसवानी विद्या मंदिर का है, जहां 24 नवंबर को नर्सरी क्लास की टीचर काजल साहू ने होमवर्क न करने पर 5 साल के बच्चे को पहले क्लास से बाहर निकाला, फिर स्कूल परिसर में एक पेड़ पर रस्सी के सहारे घंटों तक लटका दिया। घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।</p>



<h4 class="wp-block-heading">जिला प्रशासन सक्रिय, टीचर हटाई गई</h4>



<p class="wp-block-paragraph">राज्य शासन की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल यशवंत ठाकुर ने कोर्ट को बताया कि जिला प्रशासन और शासन दोनों ने तुरंत संज्ञान लिया। स्कूल पहुंचकर अधिकारियों ने जांच की और टीचर को तत्काल स्कूल से हटाया। साथ ही स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">कोर्ट ने कहा &#8211; “इतने बड़े स्कूल में किसी को पता कैसे नहीं चला?”</h4>



<p class="wp-block-paragraph">सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने सवाल उठाया कि इतनी गंभीर घटना के दौरान स्कूल के अन्य स्टाफ को इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई। कोर्ट ने साफ कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कार्रवाई और प्रणालीगत सुधार अनिवार्य हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004517150-1024x768.jpg" alt="" class="wp-image-3788" srcset="https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004517150-1024x768.jpg 1024w, https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004517150-300x225.jpg 300w, https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004517150-768x576.jpg 768w, https://www.snn24.news/wp-content/uploads/2025/11/1004517150.jpg 1080w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h4 class="wp-block-heading">वीडियो वायरल होने पर अभिभावकों का गुस्सा फूटा</h4>



<p class="wp-block-paragraph">घटना का वीडियो वायरल होते ही स्थानीय अभिभावकों में रोष फैल गया। बड़ी संख्या में माता-पिता स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news/kg-2-student-hanged-on-tree-for-not-doing-homework-high-court-is-strict/">होमवर्क न करने पर KG-2 छात्र को पेड़ पर लटकाया, हाईकोर्ट सख्त: चीफ जस्टिस बोले- क्या मजाक बना रखा है; स्कूल शिक्षा सचिव से मांगा जवाब</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://www.snn24.news">Snn24</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
