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SNN24 की खबर का असर: पुलिस सब-इंस्पेक्टर पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप, वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में पदस्थ एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर पर महिला ने शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण, गर्भपात कराने और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक (SP) और आईजी से की है।

महिला का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, उल्टे उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। इस मामले मे सब इंस्पेक्टर ने भी महिला के खिलाफ शिकायत की है। SNN24 ने मामले को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद प्रशासन हरकत मे आया। अब उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

यह है पूरा मामला

पीड़िता के अनुसार, वह पिछले 4-5 वर्षों से सोशल मीडिया (फेसबुक) का उपयोग कर रही है। करीब तीन वर्ष पहले सब-इंस्पेक्टर कमल मैरिषा ने उससे संपर्क किया और मैसेज, कॉल तथा ऑडियो-वीडियो के जरिए बातचीत शुरू की। सब-इंस्पेक्टर ने खुद को अविवाहित बताया और दंतेवाड़ा से सक्ती ट्रांसफर होने की बात कही।

पीड़िता ने सब-इंस्पेक्टर पर लगाया आरोप

महिला का आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर ने उसकी पारिवारिक स्थिति का फायदा उठाते हुए उसे और उसकी बेटी को अपनाने का भरोसा दिलाया और प्रेम संबंध स्थापित किया। इसके बाद वह कई बार महिला के घर पहुंचकर, पति की अनुपस्थिति में शारीरिक संबंध बनाता रहा। इसी दौरान जनवरी 2024 में महिला गर्भवती हो गई। महिला के मुताबिक उसने खरसिया में सोनोग्राफी कराई थी और संबंधित वीडियो सब-इंस्पेक्टर को भेजा था।

सब-इंस्पेक्टर पर गर्भपात कराने का आरोप

आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर ने बिना जानकारी दिए ‘अनवांटेड किट’ की दवा देकर उसका गर्भपात करा दिया। इसके बाद भी संबंध बनाए रखे गए। इसी बीच एक महिला का फोन आया, जिसने खुद को सब-इंस्पेक्टर की पत्नी बताया और उनके एक बच्चे होने की जानकारी दी। यह जानकर पीड़िता मानसिक रूप से टूट गई और उसने आत्महत्या के प्रयास में कृषि दवा का सेवन कर लिया। बाद में सब-इंस्पेक्टर उसे मालखरौदा स्वास्थ्य केंद्र ले गया, जहां उसका इलाज हुआ और 10 अक्टूबर 2024 को ब्लड टेस्ट कराया गया।

सब-इंस्पेक्टर कमल मैरिषा

पीड़िता का कहना है कि सब-इंस्पेक्टर ने फिर से भरोसा दिलाया कि उसका पत्नी से संबंध ठीक नहीं है और वह उसे व उसकी बेटी को अपनाएगा, लेकिन बाद में दूरी बनाने लगा। इस पर महिला ने 29 जनवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई, जिसकी जांच एसडीओपी सक्ती को सौंपी गई।

वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप

महिला का आरोप है कि 28 मार्च 2026 को एसडीओपी कार्यालय के सामने सब-इंस्पेक्टर ने उसे आपत्तिजनक फोटो-वीडियो दिखाकर धमकाया कि यदि उसने बयान दिया तो वह उन्हें वायरल कर देगा और झूठे केस में फंसा देगा। वर्दी का रौब दिखाकर उस पर दबाव बनाया गया और शिकायत वापस लेने का लिखित बयान भी ले लिया गया।

सब-इंस्पेक्टर और पीड़िता के बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट

पीड़िता का कहना है कि शिकायत वापस लेने के बाद भी सब-इंस्पेक्टर उसे धमका रहा है और कह रहा है कि वह उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। महिला ने एसपी से मांग की है कि सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी, गर्भपात कराने और ब्लैकमेलिंग के तहत मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

सब-इंस्पेक्टर ने महिला के खिलाफ की शिकायत

वहीं, इस मामले में सब-इंस्पेक्टर कमल मैरिषा ने भी महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि महिला उन्हें झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर उगाही कर रही है और जातिगत गाली-गलौज भी की है।

भुनेश्वरी पैंकरा, एसडीओपी, सक्ती

पुलिस ने शुरू की जांच

इस संबंध में सक्ती एसडीओपी भुनेश्वरी पैंकरा ने बताया कि दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दी गई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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