
सक्ती के सेंदुरस डबल मर्डर केस का खुलासा: पति-पत्नी की हत्या कर लूट करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, 2024 के मुक्ता दोहरे हत्याकांड का भी निकला राज; सराफा व्यापारी समेत तीन गिरफ्तार, सोना-नकदी और हत्या में प्रयुक्त सामान बरामद
सक्ती जिले में पति-पत्नी की निर्मम हत्या और लूट की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में बड़ा खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि यही दोनों आरोपी जून 2024 में मुक्ता गांव में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में भी शामिल थे। मामले में लूटे गए सोने के आभूषण खरीदने वाले जैजैपुर के एक सराफा व्यापारी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने के आभूषण, गला हुआ सोना, नकदी, हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और मोटरसाइकिल सहित लाखों रुपये का माल बरामद किया है। मामला मालखरौदा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेंदुरस का है।
जानकारी के अनुसार, 2-3 जून 2026 की दरमियानी रात सेंदुरस गांव में अपने घर के बरामदे में सो रहे पति-पत्नी पुरुषोत्तम खुंटे और गुहरिन बाई खुंटे की अज्ञात बदमाशों ने सिर और चेहरे पर भारी वस्तु से वार कर हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतका के सोने के आभूषण, नकदी और मोबाइल फोन भी गायब मिले थे। इस पर थाना मालखरौदा में अपराध क्रमांक 211/2026 के तहत धारा 331(8) एवं 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर स्वयं घटनास्थल पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, एसडीओपी डॉ. भुवनेश्वरी पैंकरा, विभिन्न थानों की टीम, साइबर सेल, डॉग स्क्वॉड, फॉरेंसिक और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों को जांच में लगाया गया। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में पांच दिनों तक पुलिस टीम सेंदुरस गांव में कैंप कर लगातार जांच करती रही।

जांच के दौरान घटनास्थल से गायब मृतक के मोबाइल फोन को साइबर सर्विलांस पर रखा गया। मोबाइल टावर डंप और कॉल डिटेल विश्लेषण के आधार पर संदिग्धों की लोकेशन खरसिया थाना क्षेत्र के पलगड़ा के आसपास मिली। पुलिस ने पलगड़ा स्थित जायसवाल ढाबा से देवकुमार यादव (33 वर्ष) निवासी पंडरीपानी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसके कब्जे से मृतक का मोबाइल बरामद हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपने साथी रूपचरण यादव (40 वर्ष) निवासी पंडरीपानी के साथ मिलकर हत्या और लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने रूपचरण यादव को भी उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले मृतक पुरुषोत्तम खुंटे से मोटरसाइकिल खड़ी करने को लेकर उनका विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते दोनों ने हत्या की योजना बनाई। वारदात की रात आरोपियों ने स्केल पट्टी की मदद से दरवाजा खोलकर घर में प्रवेश किया और सो रहे दंपती के सिर एवं चेहरे पर लोहे की मोटी रॉड से कई वार किए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने मृतका के गले और नाक से सोने के आभूषण लूट लिए तथा घर की तलाशी लेकर नकदी और मोबाइल फोन भी लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपी रूपचरण यादव के घर से हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड, वारदात के समय पहने गए खून से सने कपड़े और 74 हजार रुपये नकद बरामद किए। वहीं जांच में पता चला कि आरोपी रूपचरण ने लूटे गए सोने के आभूषण जैजैपुर के खिलेश्वर ज्वेलर्स संचालक बाबूलाल साहू (50 वर्ष) को 84 हजार रुपये में बेच दिए थे। पुलिस ने बाबूलाल साहू के घर से मृतका के लूटे गए आभूषण बरामद कर उसे भी चोरी और लूट की संपत्ति खरीदने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से लगभग 9 ग्राम सोने के आभूषण, करीब 5 ग्राम गला हुआ सोना, 77 हजार रुपये नकद, हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इस पूरे मामले को सुलझाने में सीईआईआर (CEIR) पोर्टल और साइबर तकनीकी विश्लेषण ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पूछताछ के दौरान एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ। दोनों आरोपियों ने जून 2024 में मालखरौदा थाना क्षेत्र के मुक्ता गांव में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड को भी अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार, उस मामले में मृतक मगनलाल गबेल और बुधवारा बाई गबेल की घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी रूपचरण यादव ने बताया कि बुधवारा बाई गबेल से उसका पुराना विवाद था। इसी रंजिश में उसने अपने साथी देवकुमार यादव के साथ मिलकर घर में घुसकर लकड़ी से दोनों की हत्या की और अलमारी में रखे आभूषण लूट लिए थे। यह मामला अपराध क्रमांक 247/2024, धारा 103(1) बीएनएस के तहत दर्ज था।
सक्ती पुलिस ने दोनों अंधे दोहरे हत्याकांडों का खुलासा करते हुए आरोपी रूपचरण यादव, देवकुमार यादव और लूट का माल खरीदने वाले बाबूलाल साहू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की है। इस महत्वपूर्ण सफलता पर पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने पूरी जांच टीम के लिए नगद पुरस्कार की घोषणा की है।
मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी मालखरौदा निरीक्षक प्रवीण राजपूत, निरीक्षक राजेश पटेल, निरीक्षक लखन पटेल, निरीक्षक कमल किशोर महतो, निरीक्षक नरेंद्र यादव, निरीक्षक अमित सिंह भैना, साइबर प्रभारी उप निरीक्षक सी.पी. कंवर, उप निरीक्षक भूपेन्द्र चंद्रा, अनवर अली, संतोष तिवारी, बिसोहन चंद्रा तथा साइबर सेल एवं पुलिस बल के अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।