Sakti

बाराद्वार में PWD सड़क-नाली निर्माण मे भ्रष्टाचार: मुरूम की जगह मिट्टी उपयोग करने, घटिया निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप; पुल पर रेलिंग नहीं, नाली निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल; जांच की मांग तेज

सक्ती जिले के बाराद्वार नगर के जैजैपुर चौक से डूमरपारा तक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराए जा रहे सड़क एवं नाली निर्माण कार्य में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है, बावजूद इसके संबंधित विभागीय अधिकारी और इंजीनियर कार्रवाई करने के बजाय मौन धारण किए हुए हैं। आरोप है कि ठेकेदार को विभागीय संरक्षण मिलने के कारण निर्माण कार्य तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, निर्माण कार्य शुरू होने के पहले दिन से ही इसकी गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि सड़क के दोनों किनारों पर निर्धारित मुरूम डालने के बजाय मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। इसके कारण इन दिनों तेज हवा चलने पर धूल का गुबार उठता है, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धूल के कारण आवागमन प्रभावित होने के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी बढ़ गई है।

निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप भी लगाया जा रहा है। धनेली स्थित माइनर नहर के पुल के समीप सड़क का निर्माण तो कर दिया गया है, लेकिन पुल किनारे आवश्यक सुरक्षा रेलिंग नहीं लगाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलिंग के अभाव में यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, सड़क निर्माण की धीमी गति को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्य के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है और राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

इसके अलावा निर्माणाधीन नाली को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय इंजीनियरों की नियमित निगरानी के अभाव में नाली निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। नाली में उपयोग किए जा रहे सरियों के बीच निर्धारित दूरी का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे इसकी मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नगरवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब लोगों की नजर प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

नोट – शिकायत पत्र के साथ पूरा समाचार कल

Related Articles

Back to top button