
PM आवास योजना में बड़ा खुलासा: गड़बड़ी पर प्रशासन की कड़ी कार्रवाई, 6 आवास मित्र बर्खास्त; सरपंच-सचिव को शो-कॉज नोटिस, 3 तकनीकी सहायकों पर भी गिरेगी गाज
PM आवास योजना में हुई गड़बड़ी के खुलासे के बाद गरियाबंद जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। मई माह में आवास प्रगति दिखाने के नाम पर की गई फर्जी जियो-टैगिंग, गलत प्रोग्रेस एंट्री और कागजों में आवास दिखाने जैसी अनियमितताओं की जांच के बाद 6 पंचायतों के आवास मित्रों को बर्खास्त किया गया है। वहीं 3 तकनीकी सहायकों, सरपंच और सचिवों पर भी जवाबदेही तय कर शो-काज नोटिस जारी** किया गया है।
खबर प्रकाशन के बाद हरकत में आया प्रशासन
जिले में हुई गड़बड़ी का खुलासा मीडिया रिपोर्ट में होने के बाद जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने तत्काल 4 सदस्यीय जांच टीम गठित की। टीम में पद्मिनी हरदेल, बुद्धेश्वर साहू, जितेंद्र पाठक और अजीत शर्मा शामिल थे, जिन्होंने देर रात तक गांवों में जाकर जांच रिपोर्ट तैयार की।

जांच में जिन पंचायतों में अनियमितताएँ मिलीं, वहां कार्रवाई का निर्देश जारी कर मैनपुर जनपद CEO श्वेता वर्मा ने खजूरपदर आवास मित्र नरोत्तम यादव सरईपानी आवास मित्र धनेश्वर यादव, नवापारा आवास मित्र प्रमोद कुमार नागेश, बज़ाड़ी आवास मित्र दयानंद यादव, मूचबहाल आवास मित्र सत्यवान साहू, धोबनमाल रोज़गार सहायक खीरसिंह बघेल को सेवा से तत्काल बर्खास्त कर दिया।
तकनीकी सहायकों पर भी कार्रवाई शुरू
जियो टैगिंग की जिम्मेदारी तकनीकी सहायकों पर होती है। इसलिए दीपक ध्रुव, अजीत ध्रुव, प्रणय कुमार को जवाबदारी तय कर नोटिस जारी किया गया है।
सरपंच-सचिव भी घेरे में, संतोषजनक जवाब न आने पर होगी धारा 40 की कार्रवाई
जिन पंचायतों में गड़बड़ी पकड़ी गई है, वहां सरपंच और सचिव दोनों को शो-काज नोटिस भेजने का निर्देश जारी हुआ है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो धारा 40 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
2025 में सरकार की प्राथमिकता बनी योजना, गड़बड़ी का बड़ा कारण बोगस प्रोग्रेस एंट्री
जिले को 42 हजार PM आवास स्वीकृत हुए थे। मार्च में बजट मिलने के बाद प्रगति रिपोर्ट तेजी से दिखाने की होड़ मची। अप्रैल से जून तक की गई जियो टैगिंग में कई एंट्रियां फर्जी पाई गईं। कागजों में आवास दिखाकर जिले की रैंकिंग 17 से ऊपर पहुंचाई गई। CEO बदलने के बाद नए IAS प्रखर चंद्राकर ने काम का तरीका सख्ती से बदला, जिसके बाद गड़बड़ी सतह पर आई।
अब पंचायत सचिव देंगे प्रमाण पत्र
जिला प्रशासन अब PM आवास के सत्यापन में पंचायत सचिव की सीधी भागीदारी तय करने जा रहा है। सचिव आवास की भौतिक स्थिति और ऑनलाइन रिकॉर्ड का मिलान करेंगे। सत्यापन के बाद प्रमाण पत्र जारी कर जिला CEO को रिपोर्ट करेंगे। इससे फर्जी जियो टैगिंग और फर्जी प्रोग्रेस एंट्री पर रोक लग सकेगी।
जिला पंचायत CEO का बयान
जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने बताया कि 5 पंचायतों के आवास मित्र और एक रोजगार सहायक को बर्खास्त किया गया है। तकनीकी सहायकों, सरपंच और सचिवों से जवाब मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं आता, तो सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।