
पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी सक्ती पर गंभीर आरोप: शिक्षिका व DDO की मिलीभगत से शासन को लाखों का नुकसान
रिपोर्ट – भगत राम शर्मा
सक्ती जिले के शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है, जहां पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सक्ती के संरक्षण में DDO द्वारा एक शिक्षिका के साथ मिलीभगत कर शासन को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा है। पूरा मामला शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मोहंदी कला में पदस्थ शिक्षिका श्रीमती डीगन यशवंत मांडेलकर से जुड़ा हुआ है।
बिना अनुमति के अवकाश और संदिग्ध मातृत्व लाभ
सूचना के अधिकार (RTI) के जवाब में DEO कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी महिला कर्मचारी बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के संतान पालन अवकाश पर नहीं जा सकती, तथा मातृत्व अवकाश तभी मान्य है जब उसमें प्रसूति दिवस शामिल हों। लेकिन आरोप है कि श्रीमती मांडेलकर ने बिना अनुमोदन के विधान सभा चुनाव आचार संहिता के दौरान लंबी अनुपस्थिति दर्ज कराई, और गर्भवती न होने के बावजूद मातृत्व अवकाश व वेतन प्राप्त किया।
DDO पर लाखों के भुगतान में अनियमितता का आरोप
शा.उ.मा. विद्यालय कन्या सक्ती की प्राचार्य एवं DDO श्रीमती सरोजनी लकरा द्वारा शासन के नियमों के विपरीत मातृत्व अवकाश स्वीकृत कर लाखों रुपये का वेतन भुगतान कर दिया गया। सबसे गंभीर तथ्य यह है कि संयुक्त संचालक बिलासपुर के आदेश के बाद 15 जून 2021 को DEO कार्यालय द्वारा पंचनामा बनाकर श्रीमती मांडेलकर से कार्यभार ग्रहण कराया गया, लेकिन DDO ने मई 2020 से मई 2021 तक का पूरा वेतन पहले ही जारी कर दिया, जबकि उस अवधि में शिक्षिका कार्यरत ही नहीं थीं।
गबन जैसे कृत्य का आरोप
कार्यभार ग्रहण किए बिना वेतन भुगतान को शासन की राशि का दुरुपयोग और गबन जैसा कृत्य माना जा रहा है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह पूरा भुगतान DEO कार्यालय की मिलीभगत के बिना संभव नहीं था।
जांच की मांग तेज
यह मामला अब चर्चा का विषय बन चुका है और शिक्षा विभाग के कई अधिकारी सवालों के घेरे में हैं। शिक्यातकर्ता ने शासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर आर्थिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। शासन स्तर पर मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की संभावना प्रबल है।