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Sakti

कलेक्टर कार्यालय से 3 किमी दूर करोड़ों का गुटखा कारोबार: जीएसटी चोरी और अवैध भंडारण की चर्चाओं से गरमाया बाजार, जांच की मांग तेज

सक्ती जिले में राजश्री गुटखा-पान मसाला के कथित थोक कारोबार को लेकर बाजार में चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर कारोबार से जुड़े कुछ प्रतिष्ठानों पर कच्चे लेनदेन, संभावित जीएसटी चोरी और बिना वैध पंजीयन वाले गोदामों में बड़े पैमाने पर माल भंडारण किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। मामले को लेकर जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बाराद्वार नगर की दो प्रमुख दुकानों से जुड़े बताए जा रहे इस कारोबार में थोक बिक्री का एक हिस्सा नगद लेनदेन के माध्यम से संचालित होने की चर्चा है। आरोप हैं कि कारोबार के कुछ हिस्सों में नियमित बिलिंग प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे वास्तविक कारोबार और कर भुगतान की स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। व्यापारिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे शासन को राजस्व हानि हो सकती है।

मामले का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू कथित गोदामों में बड़े पैमाने पर गुटखा और पान मसाला का भंडारण बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित गोदामों के जीएसटी पंजीयन, स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री दस्तावेजों और परिवहन रिकॉर्ड की जांच आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उनका मानना है कि जांच से यह पता चल सकेगा कि कारोबार निर्धारित नियमों और कर प्रावधानों के अनुरूप संचालित हो रहा है या नहीं।

चर्चाओं के अनुसार यह कथित कारोबार सक्ती कलेक्टर कार्यालय से महज लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर संचालित होने की बात कही जा रही है। ऐसे में नागरिकों का कहना है कि जिला प्रशासन, जीएसटी विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को मामले का संज्ञान लेकर तथ्यों की जांच करनी चाहिए।

व्यापारिक जानकारों का मानना है कि गुटखा-पान मसाला जैसे उच्च मांग वाले उत्पादों के कारोबार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमित बिलिंग, कर अनुपालन और वैध भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है। इससे न केवल कर प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहती है बल्कि बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा भी कायम रहती है।

इधर क्षेत्रवासियों ने सक्ती कलेक्टर, जीएसटी विभाग एवं संबंधित जांच एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कारोबार पूरी तरह नियमों के अनुरूप संचालित हो रहा है या किसी प्रकार की अनियमितता मौजूद है।

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