
सुप्रीम कोर्ट से जगदीश बंसल को दोहरा झटका: अधिकारियों से जुड़े मामलों में SLP खारिज, डोंगिया की शासकीय भूमि विवाद फिर चर्चा में
तत्कालीन कलेक्टर अमृत विकास टोपनो के मामले में 25 जून को और तत्कालीन एसडीएम अरुण सोम के मामले में 25 मई 2026 को खारिज हुई याचिकाएं
सक्ती जिले के ग्राम डोंगिया की शासकीय भूमि से जुड़े विवाद के बीच जगदीश बंसल को सुप्रीम कोर्ट से दो मामलों में राहत नहीं मिली। उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, तत्कालीन कलेक्टर अमृत विकास तोपनों से संबंधित विशेष अनुमति याचिका (SLP) डायरी क्रमांक 13265/2026 को 25 जून 2026 को खारिज किया गया। वहीं, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) अरुण सोम से संबंधित SLP डायरी क्रमांक 13268/2026 को 25 मई 2026 को खारिज कर दिया गया।
डोंगिया की शासकीय भूमि को लेकर विवाद
मामला ग्राम डोंगिया के खसरा नंबर 390 की भूमि से जुड़ा बताया जा रहा है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप सब्जी मंडी से लगी हुई है। आरोप है कि इस भूमि की रजिस्ट्री कथित रूप से गलत तरीके से निजी नाम पर कराई गई थी। ग्रामीणों की शिकायत के बाद जांच में भूमि को शासकीय घोषित किए जाने की बात कही गई है। भूमि के स्वामित्व और रजिस्ट्री से जुड़े तथ्यों की पुष्टि संबंधित राजस्व अभिलेखों एवं आधिकारिक आदेशों से की जानी आवश्यक है।

अधिकारियों से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा विवाद
प्राप्त विवरण के अनुसार, तत्कालीन कलेक्टर अमृत विकास टोपनो से संबंधित मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश के बाद जगदीश बंसल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इस मामले की SLP डायरी क्रमांक 13265/2026 बताई गई है, जिसे 25 जून 2026 को खारिज किया गया।
इसी प्रकार, तत्कालीन एसडीएम अरुण सोम से संबंधित मामले में SLP डायरी क्रमांक 13268/2026 को 25 मई 2026 को खारिज किए जाने की जानकारी दी गई है। इन दोनों आदेशों के बाद संबंधित न्यायालयीन विवादों में जगदीश बंसल को राहत नहीं मिलने की स्थिति सामने आई है।