
सक्ती मे बंधन बैंक में 1.42 लाख की धोखाधड़ी: लोन की रकम खाते में जमा करने के बजाय हड़पी, खाताधारक महिला को मृत बताकर किया बीमा क्लेम; फरार कैशियर गिरफ्तार
सक्ती जिले मे बंधन बैंक शाखा सक्ती में लोन की रकम खाते में जमा नहीं करने और खाताधारक महिला को मृत बताकर बीमा क्लेम करने के मामले में पुलिस ने फरार आरोपी कमलेश सिंह (31) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बैंक में कार्यरत रहने के दौरान 1 लाख 42 हजार 550 रुपए की राशि खाते में जमा नहीं की और अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर रकम आपस में बांटकर उपयोग करना स्वीकार किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला सक्ती के झुलकदम निवासी मोनीष देवांगन की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, मोनीष के माता-पिता पुरुषोत्तम देवांगन और उर्मिला देवांगन का बंधन बैंक सक्ती में संयुक्त खाता था। जनवरी 2022 में दोनों ने बैंक से 2 लाख रुपए का लोन लिया था जिसकी मासिक किस्त 10 हजार रुपए निर्धारित थी। सात माह की किस्त जमा करने के बाद शेष लोन राशि 1 लाख 42 हजार 550 रुपए बची थी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, मोनीष और उसके पिता ने 29 सितंबर 2022 को यह पूरी राशि बैंक में जमा की थी। राशि जमा करने की पर्ची और पासबुक भी उनके पास थी। आरोप है कि बैंक में कार्यरत कैशियर कमलेश सिंह ने रकम खाते में जमा नहीं की और राशि का कथित रूप से गबन कर लिया।
मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया कि लोन की शेष राशि को निपटाने के लिए खाताधारक उर्मिला देवांगन को दस्तावेजों में मृत दर्शाया गया जबकि वह जीवित हैं। शिकायत के अनुसार, कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से बीमा क्लेम प्राप्त कर राशि बैंक खाते में जमा करने और लोन खाता बंद करने का प्रयास किया गया।
शिकायत मिलने के बाद सक्ती पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रार्थी एवं गवाहों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने आरोपी कमलेश सिंह के खिलाफ प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित पाया। आरोपी घटना के बाद से फरार था और पुलिस के मुताबिक विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा था।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने जावलपुर थाना बलौदा जिला जांजगीर-चांपा स्थित आरोपी के ठिकाने पर दबिश देकर उसे अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को दिए अपने मेमोरेंडम कथन में बताया कि बंधन बैंक में कार्यरत रहने के दौरान पुरुषोत्तम देवांगन और उर्मिला देवांगन के संयुक्त खाते में जमा की जाने वाली 1 लाख 42 हजार 550 रुपए की राशि खाते में जमा नहीं की गई और उसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर रकम आपस में बांट ली।
आरोपी ने यह भी बताया कि राशि जमा किए जाने की रसीद खाताधारक को दी गई थी। वहीं उर्मिला देवांगन को मृत दर्शाने संबंधी दस्तावेज का उपयोग कर लोन की राशि को खाते में जमा नहीं किया गया।
प्रकरण में अपराध क्रमांक 221/2024, धारा 420 भादवि के तहत कार्रवाई की जा रही है। आरोपी कमलेश सिंह(31 वर्ष) निवासी जावलपुर थाना बलौदा जिला जांजगीर-चांपा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।