
Sakti Police Officer Sexual Exploitation Allegation: महिला ने पुलिस अधिकारी पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने का लगाया आरोप, शिकायत वापस लेने दबाव, अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी, महिला ने SP-IG से की शिकायत
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में पदस्थ एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर पर महिला से शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने, गर्भपात कराने और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक (SP) और आईजी से की है। महिला का आरोप है कि पहले भी कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, बल्कि उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह पिछले 4-5 वर्षों से सोशल मीडिया (फेसबुक) का उपयोग कर रही है। इसी दौरान करीब तीन वर्ष पहले पुलिस सब-इंस्पेक्टर कमल मैरिषा ने उससे संपर्क किया और लगातार मैसेज, कॉल तथा ऑडियो-वीडियो के जरिए बातचीत शुरू की। पुलिस अधिकारी ने खुद को अविवाहित बताया और दंतेवाड़ा में पदस्थ होने के बाद सक्ती में ट्रांसफर होने की जानकारी दी।

महिला का आरोप है कि पुलिस अधिकारी ने उसकी पारिवारिक स्थिति का फायदा उठाते हुए उसे और उसकी बेटी को अपनाने का भरोसा दिलाया और प्रेम संबंध स्थापित किया। इसके बाद वह कई बार महिला के घर आकर पति की अनुपस्थिति में शारीरिक संबंध बनाता रहा। इस दौरान जनवरी 2024 में महिला गर्भवती हो गई थी। महिला ने बताया कि उसने खरसिया में सोनोग्राफी भी कराई थी और संबंधित वीडियो पुलिस अधिकारी को भेजा था।

आरोप के अनुसार, पुलिस अधिकारी ने उसे बिना जानकारी के ‘अनवांटेड किट’ की दवाएं दे दीं, जिससे उसका गर्भपात हो गया। इसके बाद भी पुलिस अधिकारी उससे संबंध बनाता रहा। इसी बीच एक दिन एक महिला का फोन आया, जिसने खुद को पुलिस अधिकारी की पत्नी बताया और उनके एक बच्चे होने की जानकारी दी। यह जानकर पीड़िता मानसिक रूप से आहत हो गई और उसने आत्महत्या के प्रयास में कृषि दवा का सेवन कर लिया। बाद में पुलिस अधिकारी उसे मालखरौदा स्वास्थ्य केंद्र ले गया, जहां उसका इलाज हुआ और 10 अक्टूबर 2024 को ब्लड टेस्ट भी कराया गया।

पीड़िता का कहना है कि पुलिस अधिकारी ने फिर से उसे भरोसा दिलाया कि उसका पत्नी से संबंध ठीक नहीं है और वह उसे तथा उसकी बेटी को अपनाएगा। लेकिन बाद में पुलिस अधिकारी उससे दूरी बनाने लगा। इस पर महिला ने 29 जनवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई, जिसकी जांच एसडीओपी सक्ती को सौंपी गई।
महिला का आरोप है कि 28 मार्च 2026 को एसडीओपी कार्यालय के सामने पुलिस अधिकारी ने उसे आपत्तिजनक फोटो और वीडियो दिखाकर धमकाया कि यदि उसने बयान दिया तो वह उन्हें वायरल कर देगा और झूठे केस में फंसा देगा। वर्दी का रौब दिखाकर पुलिस अधिकारी ने महिला पर दबाव बनाया और उससे शिकायत वापस लेने का लिखित बयान भी ले लिया।
पीड़िता का कहना है कि शिकायत वापस लेने के बाद भी पुलिस अधिकारी उसे नजरअंदाज कर रहा है और लगातार धमकी दे रहा है कि वह उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। महिला ने एसपी से मांग की है कि पुलिस अधिकारी के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी, गर्भपात कराने और ब्लैकमेलिंग के तहत मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
इस संबंध मे उप निरीक्षक कमल मैरीशा ने कहा कि मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप झूठे है, महिला और उसका पति मिलकर मुझसे पैसे की मांग कर रहे थे, पैसा नही देने पर मेरे खिलाफ शिकायत कर रहे है।

इस मामले के संबंध मे पुलिस से जानकारी लेने के लिए हमने एडिशनल एसपी पंकज पटेल से बात करने के लिए फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।