
शक ने उजाड़ा घर, पति बना पत्नी का कातिल: हंसिया से गला रेत कर की निर्मम हत्या, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
सक्ती जिले के नगरदा थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार शिवहरे ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न चुकाने पर 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भी भुगतना होगा।
यह है पूरा मामला
मामला 6 अप्रैल 2025 की रात का है। प्रार्थी दिलहरण उरांव ने थाना नगरदा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि रात करीब 11:40 बजे उसके पिता ठंडीराम उरांव ने उसे जगाकर बताया कि उसने उसकी मां फूलेश्वरी बाई की हत्या कर दी है। जब वह कमरे में पहुंचा तो उसकी मां खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थी और गले पर गंभीर चोट के निशान थे। परिजन और पड़ोसियों की मदद से उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
जांच में सामने आया कि आरोपी ठंडीराम उरांव अपनी पत्नी के चरित्र पर शंका करता था और इसी बात को लेकर अक्सर विवाद करता था। घटना की रात भी इसी संदेह के चलते उसने हंसिया से गले पर वार कर हत्या कर दी।

घटना की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर मर्ग कायम किया और जांच शुरू की। घटनास्थल का नक्शा, पंचनामा, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य एकत्र किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया गया।
सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।