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सक्ती मे तहसीलदार-पटवारी पर अवैधानिक बंटवारे का आरोप: भू-माफियाओं से सांठगांठ कर करोड़ों की जमीन हड़पने की कोशिश का दावा, कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत, रिकॉर्ड पूर्ववत करने व निष्पक्ष जांच की मांग

सक्ती जिले में राजस्व विभाग के अधिकारियों पर गंभीर अनियमितता के आरोप लगे हैं। वार्ड क्रमांक 05 सक्ती निवासी तिहरिन बाई यादव ने कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में लिखित शिकायत देकर तहसीलदार सक्ती विद्या भूषण साव एवं ग्राम पोरथा के हल्का पटवारी भूपेन्द्र बरेठ पर भू-माफियाओं से सांठगांठ कर अवैधानिक तरीके से भूमि का बंटवारा करने का आरोप लगाया है। आवेदिका ने संबंधित आदेश को निरस्त कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिकायत के अनुसार ग्राम पोरथा, पटवारी हल्का नंबर 22, तहसील सक्ती स्थित कृषि भूमि खसरा नंबर 27/2, 190/1 एवं 195/3 कुल रकबा 0.538 हेक्टेयर मूल रूप से आवेदिका के पिता स्वर्गीय नत्थू राम यादव के नाम दर्ज थी। नत्थू राम यादव के निधन के बाद उनके वैधानिक वारिसों में एक पुत्र रेशम लाल, आवेदिका तिहरिन बाई यादव एवं तीन अन्य पुत्रियां शामिल थीं। आरोप है कि इसके बावजूद तहसीलदार एवं पटवारी ने केवल मृतक रेशम लाल की पत्नी और बच्चों के नाम पर संपूर्ण भूमि दर्ज कर दी तथा चारों पुत्रियों के नाम वारिसान हक में शामिल नहीं किए।

पटवारी भूपेंद्र बरेठ

आवेदिका का कहना है कि तहसीलदार न्यायालय में दो प्रकरण एक ही तिथि को लंबित थे। एक प्रकरण में रेशम लाल की पत्नी एवं बच्चों द्वारा बंटवारे का आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिस पर तिहरिन बाई यादव ने लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी। वहीं दूसरे आवेदन में चारों पुत्रियों के नाम सह-खातेदार के रूप में जोड़ने का निवेदन किया गया था। आरोप है कि दोनों प्रकरणों को अलग-अलग कर शीघ्रता में फर्द बंटवारा कर दिया गया तथा पटवारी द्वारा पृथक-पृथक ऋण पुस्तिका भी तैयार कर दी गई।

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि संबंधित भूमि का एक हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग से लगा हुआ है, जिसकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। आवेदिका का आरोप है कि कम कीमत पर भूमि क्रय कराने के उद्देश्य से नियमों की अनदेखी कर भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाने की मंशा से यह कार्रवाई की गई।

तिहरिन बाई यादव ने कलेक्टर से अवैधानिक आदेश निरस्त कर राजस्व रिकॉर्ड पूर्ववत करने, चारों पुत्रियों के नाम सह-खातेदार के रूप में दर्ज करने तथा संबंधित तहसीलदार एवं पटवारी को निलंबित कर उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री को भी प्रेषित की गई है।

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