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वेदांता पावर प्लांट हादसा: अब तक 23 श्रमिकों की मौत, बाकी घायलों का इलाज जारी, अनिल अग्रवाल पर FIR को लेकर उद्योगपति और सांसद नवीन जिंदल का बयान आया सामने

सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है, जबकि कई घायल श्रमिकों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। इस बीच मामले में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर उद्योगपति एवं लोकसभा सांसद नवीन जिंदल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

नवीन जिंदल ने हादसे को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजा, आजीविका सहायता और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता मिलनी चाहिए और घटना की गहन जांच होनी चाहिए।

हालांकि, जांच पूरी होने से पहले अनिल अग्रवाल का नाम एफआईआर में शामिल किए जाने पर जिंदल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अग्रवाल का प्लांट के दैनिक संचालन में कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है और बिना तथ्यों के स्थापित हुए उनका नाम शामिल करना उचित प्रक्रिया के खिलाफ है।

जिंदल ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) और रेलवे हादसों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में शीर्ष स्तर के अधिकारियों के नाम सीधे एफआईआर में नहीं जोड़े जाते, इसलिए निजी क्षेत्र के लिए भी समान मानक अपनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले जांच कर साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, उसके बाद ही कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने इस मुद्दे को देश के निवेश माहौल से जोड़ते हुए कहा कि भारत के ‘विकसित भारत’ विजन को आगे बढ़ाने के लिए उद्योगपतियों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। साथ ही, उन्होंने प्रमुख उद्योग संगठनों CII, ASSOCHAM, FICCI सहित अन्य से इस मामले में आवाज उठाने की अपील की।

गौरतलब है कि सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए इस हादसे के बाद प्रबंधन की भूमिका को लेकर जांच जारी है। घटना ने औद्योगिक सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है।

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