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प्रेमिका की हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास: सक्ती कोर्ट ने सुनाई सजा, 1 हजार का अर्थदंड भी लगाया

सक्ती जिले में प्रेमिका की हत्या के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 1 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। यह फैसला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार शिवहरे ने सुनाया।

जानकारी के अनुसार, 26 जनवरी 2025 को लकेश्वर सिदार ने थाना सक्ती में सूचना दी थी कि ग्राम जाजंग के भाठापारा स्थित बाबूलाल सिदार के घर की बाड़ी में पैरावट के पास एक महिला का शव पड़ा है। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतका की पहचान ममता सिदार के रूप में हुई। घटनास्थल का निरीक्षण, परिजनों और गवाहों के बयान तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मृतका के प्रेमी रेशमलाल सिदार को संदेह के दायरे में लिया और उसके विरुद्ध अपराध क्रमांक 33/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) में मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की।

विवेचना में सामने आया कि घटना के दिन आरोपी अपनी प्रेमिका के बुलाने पर उसके घर गया था। दोनों के बीच सहमति से शारीरिक संबंध बने। बाद में मृतका मोबाइल पर एक अन्य युवक से बात कर रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। अभियोजन के अनुसार, विवाद के दौरान मृतका द्वारा आरोपी पर हाथ उठाने और नाखून से हमला करने पर आरोपी ने गुस्से में आकर उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का मौका नक्शा तैयार किया, गवाहों के बयान दर्ज किए, आवश्यक साक्ष्य एवं जब्ती की कार्रवाई पूरी की और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। मामला विचारण के लिए प्रथम अपर सत्र न्यायालय सक्ती भेजा गया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 17 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी रेशमलाल सिदार निवासी भांठापारा, जाजंग, थाना सक्ती को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 1 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक उदय कुमार वर्मा ने प्रभावी पैरवी की।

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