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सक्ती मे मां की हत्या करने वाले बेटे को आजीवन कारावास: 14 गवाहों की गवाही के बाद न्यायालय ने सुनाया फैसला, जुर्माना नहीं भरने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा

सक्ती जिले मे अपनी ही मां की निर्मम हत्या करने वाले कलयुगी पुत्र को प्रथम अपर सत्र न्यायालय सक्ती ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। यह फैसला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार शिवहरे ने 24 जून 2026 को सुनाया।

जानकारी के अनुसार, 29 मई 2025 को डायल-112 में पदस्थ आरक्षक रंजीत जांगड़े को मोबाइल के माध्यम से सूचना मिली कि ग्राम रेड़ा में एक युवक ने अपनी मां की हत्या कर दी है। सूचना पर थाना डभरा के उप निरीक्षक सी.पी. कंवर, सहायक उप निरीक्षक हरिनारायण तामकर तथा पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जांच के दौरान पता चला कि लक्ष्मीन बाई कुर्रे (45 वर्ष) की हत्या उसके पुत्र डमरूधर कुर्रे ने ईंट से हमला कर की है।

मामले के प्रत्यक्षदर्शी एवं सूचक शिवकुमार वारेन ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन दोपहर करीब 1:30 बजे डमरूधर कुर्रे और उसकी मां के बीच घर के सामने विवाद हो रहा था। शोर सुनकर जब वह बाहर निकला तो देखा कि डमरूधर अपनी मां के साथ गाली-गलौज और मारपीट कर रहा था। कुछ देर बाद लक्ष्मीन बाई घर की परछी के पास लहूलुहान अवस्था में पड़ी मिली। उसके सिर, कान और हाथ में गंभीर चोटें थीं तथा घटनास्थल पर खून से सनी सीमेंट की ईंटें भी पड़ी हुई थीं। चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

सूचना के आधार पर पुलिस ने देहाती नालिश एवं मर्ग कायम कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान घटनास्थल से खून लगे तीन ईंट के टुकड़े, खूनयुक्त और साधारण मिट्टी, एक जोड़ी चप्पल और मृतिका के खून के नमूने जब्त किए गए। आरोपी के कब्जे से घटना के समय पहने गए कपड़े भी बरामद किए गए। पटवारी से घटनास्थल का नजरी नक्शा तैयार कराया गया और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी के खिलाफ थाना डभरा में अपराध क्रमांक 173/2025 के तहत धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।

जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अभियोग पत्र प्रथम अपर सत्र न्यायालय सक्ती में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने समर्थन में 14 अभियोजन साक्षियों के बयान दर्ज कराए। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी डमरूधर कुर्रे पिता स्वर्गीय रघुनाथ कुर्रे निवासी ग्राम रेड़ा थाना डभरा को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक उदय कुमार वर्मा ने पैरवी की।

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