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‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ की घोषणा: 27 अप्रैल को तहसीलों में सौंपे जाएंगे ज्ञापन, देशभर में चरणबद्ध जनजागरण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार, राष्ट्र माता का दर्जा व केंद्रीय कानून सहित कई प्रमुख मांगें

गौ सेवा, सुरक्षा और सम्मान को लेकर देशव्यापी “गो सम्मान आह्वान अभियान” की घोषणा की गई है। अभियान के तहत 27 अप्रैल 2026 को प्रातः 11 बजे देश के विभिन्न तहसील मुख्यालयों में गो भक्त एवं संतगण एकत्रित होकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपेंगे।

आयोजकों के अनुसार, अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर संगठित रूप देने के लिए लगभग 750 जिलों और 5000 तहसीलों में कार्यकर्ता संरचना बनाई जाएगी। जिला स्तर पर तीन संत एवं तीन गौ प्रेमी कार्यकर्ता तथा तहसील स्तर पर एक संत और एक गो प्रेमी कार्यकर्ता की जिम्मेदारी तय की जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क और प्रचार-प्रसार का कार्य संभालेंगे।

अभियान को पूर्णतः अहिंसक और गैर-राजनीतिक बताया गया है। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह किसी भी राजनीतिक दल या संगठन के विरोध में नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य गौ माता के प्रति सेवा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है। साथ ही, अभियान के नाम पर किसी भी प्रकार का दान या चंदा स्वीकार नहीं किए जाने की बात कही गई है। यदि कोई व्यक्ति धन संग्रह करता है तो उसकी शिकायत करने की अपील भी की गई है।

अभियान के अंतर्गत प्रमुख मांगों में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने, गो सेवा हेतु केंद्रीय कानून बनाने, देशभर में गो हत्या पूर्णतः समाप्त करने, प्रत्येक ग्राम पंचायत में नंदीशाला की स्थापना, गोशालाओं को मनरेगा सहित अन्य योजनाओं से जोड़ने, गोबर एवं गोमूत्र आधारित उत्पादों के अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा घायल गोवंश के उपचार के लिए एम्बुलेंस एवं चिकित्सालयों की व्यवस्था शामिल हैं।

आयोजकों के अनुसार अप्रैल 2026 से वर्ष 2027 तक चरणबद्ध तरीके से ज्ञापन, जनसंपर्क और शांतिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देशभर के संतों, गो भक्तों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से निर्धारित तिथि पर तहसील मुख्यालयों में पहुंचकर अभियान से जुड़ने की अपील की गई है।

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