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Sakti

सक्ती पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल: भाजयुमो पदाधिकारी की गिरफ्तारी मीडिया से छिपाई, सट्टा मामले मे हुई गिरफ्तारी, थाना प्रभारी और एसपी के बयानों में विरोधाभास आया सामने

सक्ती जिले मे पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देश पर पुलिस द्वारा सट्टा पर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। लेकिन इन सब के बीच कोतवाली थाना में पदस्थ निरीक्षक लखन लाल पटेल की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। IPL सट्टा मामले में लगातार कार्रवाई कर पुलिस जहां पहले गिरफ्तार आरोपियों का फोटो सेशन कर प्रेस विज्ञप्ति जारी करती रही, वहीं अब भाजपा युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी की गिरफ्तारी को मीडिया से छिपाने का मामला सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, सक्ती पुलिस ने IPL सट्टा मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान बाकायदा फोटो जारी किए गए और प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कार्रवाई का प्रचार भी किया गया। लेकिन छठे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अचानक पुलिस का रवैया बदल गया। ना तो आरोपी का फोटो सार्वजनिक किया गया और ना ही किसी प्रकार की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई।

भाजयुमो जिला महामंत्री

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने सोमवार को जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण निवासी भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री चिराग केसरवानी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। जो अभी सक्ती जेल मे बंद है। इस गिरफ्तारी को जानबूझकर मीडिया की नजरों से दूर रखा गया। यही वजह है कि अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या आरोपी की राजनीतिक पहचान के कारण पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की?

थाना प्रभारी ने कहा – गलती से बोल दिया होगा

मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब SNN24 द्वारा थाना प्रभारी लखन लाल पटेल से इस संबंध में सवाल किया गया। थाना प्रभारी ने साफ तौर पर कहा कि पांच आरोपियों के अलावा किसी अन्य की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालांकि, जब उन्हें सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर के उस बयान की जानकारी दी गई जिसमें उन्होंने 6 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की थी, तब थाना प्रभारी ने कहा कि “एसपी सर ने गलती से बोल दिया होगा।”

भाजपा नेता चिराग केसरवानी

थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक के बयानों में सामने आए इस विरोधाभास ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। पुलिस विभाग के भीतर समन्वय की कमी या फिर जानबूझकर जानकारी छिपाने की कोशिश दोनों ही स्थितियां पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं।

एसपी ने कहा – 6 लोगों की हुई गिरफ्तारी

इधर, सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा था कि IPL मैच शुरू होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से सट्टा संचालन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस द्वारा तकनीकी जांच और सर्चिंग के दौरान कई संदिग्ध नाम सामने आए, जिनमें से अब तक 6 लोगों की पहचान कर छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने यह भी बताया था कि आरोपियों के मोबाइल फोन से कई ट्रांजेक्शन डिटेल मिले हैं और मामले की विवेचना जारी है। जिसमे और कई लोगों के नाम सामने आना बाकी है।

एसपी ने दी सही जानकारी

फिलहाल, इस पूरे मामले में पुलिस की चयनात्मक पारदर्शिता और मीडिया से जानकारी छिपाने की कोशिश चर्चा का विषय बनी हुई है। अब देखना होगा कि पुलिस विभाग इस विरोधाभास पर क्या स्पष्टीकरण देता है।

इस संबंध मे पुलिस से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई। लेकिन उन्होंने ऑन कैमरा कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया।

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