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Sakti

IPL सट्टा मामले में भाजयुमो नेता की बढ़ी मुश्किलें: जिला महामंत्री चिराग केसरवानी को कोर्ट से नहीं मिली जमानत, पूर्व में भी जुआ एक्ट के तहत हो चुकी है कार्रवाई

सक्ती जिले में ऑनलाइन IPL सट्टा संचालन मामले में गिरफ्तार आरोपी चिराग केसरवानी को अदालत से राहत नहीं मिली है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) न्यायालय ने आरोपी का जमानत आवेदन खारिज कर दिया है। चिराग पर मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा खिलाने का आरोप है। मामला सक्ती थाना क्षेत्र का है।

सहायक जिला अभियोजन अधिकारी अरविंद कुमार जायसवाल ने बताया कि 29 अप्रैल 2026 को थाना सक्ती पुलिस को टाउन पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि सक्ती निवासी भूपेंद्र राठौर मोबाइल फोन के जरिए IPL मैचों में रुपए-पैसे का दांव लगाकर सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी भूपेंद्र राठौर को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने सट्टा खिलाने की बात स्वीकार की।

पुलिस द्वारा आरोपी के मोबाइल फोन की तलाशी लेने पर व्हाट्सएप चैट और रकम के लेनदेन से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य मिले। जांच में सक्ती समेत अन्य क्षेत्रों के लोगों के नाम सामने आए, जिसके आधार पर पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुकेश अग्रवाल, चंद्रेश राठौर, पिंटू जायसवाल, संजय केंवट और शिवरीनारायण वार्ड क्रमांक 4 निवासी चिराग केसरवानी शामिल हैं।

भाजयुमो नेता चिराग केसरवानी

पुलिस ने चिराग केसरवानी को 3 मई 2026 को गिरफ्तार किया था। जिसे 4 मई को कोर्ट मे पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय को बताया कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। इसी आधार पर अभियोजन ने जमानत आवेदन निरस्त करने की मांग की थी।

मामले की सुनवाई के बाद सीजेएम न्यायालय ने आरोपी चिराग केसरवानी की जमानत याचिका खारिज कर दी। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।

एसपी ने दी सही जानकारी, थाना प्रभारी पर गिरफ्तारी छुपाने का आरोप

सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा था कि IPL मैच शुरू होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से सट्टा संचालन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस द्वारा तकनीकी जांच और सर्चिंग के दौरान कई संदिग्ध नाम सामने आए, जिनमें से अब तक 6 लोगों की पहचान कर छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने यह भी बताया था कि आरोपियों के मोबाइल फोन से कई ट्रांजेक्शन डिटेल मिले हैं और मामले की विवेचना जारी है। जिसमे और कई लोगों के नाम सामने आना बाकी है।

वही SNN24 द्वारा थाना प्रभारी लखन लाल पटेल से इस संबंध में सवाल किया गया। थाना प्रभारी ने साफ तौर पर कहा कि पांच आरोपियों के अलावा किसी अन्य की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालांकि, जब उन्हें सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर के उस बयान की जानकारी दी गई जिसमें उन्होंने 6 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की थी, तब थाना प्रभारी ने कहा कि “एसपी सर ने गलती से बोल दिया होगा।”

इससे साफ स्पष्ट होता है कि थाना स्तर पर गिरफ्तारी की जानकारी को दबाने का प्रयास किया गया। हालांकि जानकारी सामने आ ही गई। लेकिन इस मामले ने एक सवालिया निशान खड़ा कर दिया है कि थाना प्रभारी द्वारा मामले को क्यों दबाया जा रहा था और मामले को दबाने मे उनका क्या स्वार्थ था। बहर हाल अब यह पूरा मामला जिले मे चर्चा का विषय बना हुआ है। साथ ही पुलिस की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा कर रहा है।

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