
पुलिस से नहीं डरता कहने वाला NSUI नेता अंडरग्राउंड: कल्याण कॉलेज प्राचार्य को जूते की माला पहनाने की कोशिश का मामला, 2 आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग जिले के कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय सेक्टर-7 में प्राचार्य के साथ अभद्रता और हंगामे के मामले में पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है। “पुलिस से नहीं डरता, FIR मेरे लिए मेडल है” कहने वाला NSUI नेता और भिलाई नगर विधायक प्रतिनिधि आकाश कनौजिया फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है, जबकि मामले में शामिल उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
यह मामला 9 दिसंबर का है, जब NSUI से जुड़े छात्र नेताओं ने कॉलेज प्राचार्य डॉ. विनय शर्मा पर महिला कर्मचारियों से गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए उनके कक्ष में बलपूर्वक प्रवेश कर हंगामा किया था।
प्राचार्य कक्ष में घुसकर की बदसलूकी
जानकारी के अनुसार, NSUI प्रदेश सचिव और विधायक प्रतिनिधि आकाश कनौजिया अपने साथियों के साथ दो महिला चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखने और उनसे सार्वजनिक माफी की मांग को लेकर कॉलेज पहुंचे थे। आरोप है कि आकाश ने गार्ड को धक्का देकर प्राचार्य कक्ष में घुसते ही पर्चे फेंके, टेबल पर रखी नेम प्लेट पर स्याही पोत दी और लगातार प्राचार्य को जलील करता रहा।
इतना ही नहीं, उसने जूते-चप्पलों की माला पहनाने की कोशिश की और करीब 20 से 30 मिनट तक प्राचार्य को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इस दौरान वह प्राचार्य पर कुर्सी से उठने का दबाव भी बनाता रहा।
पुलिस से कहा था – NSUI का यही तरीका है
हंगामे की सूचना पर जब भिलाई नगर पुलिस मौके पर पहुंची और इस तरह के व्यवहार पर आपत्ति जताई, तो आकाश कनौजिया ने कथित तौर पर कहा कि “NSUI का यही तरीका है, मैं पुलिस से नहीं डरता”। इसके बाद पुलिस ने सभी को प्राचार्य कक्ष से बाहर निकाला। शाम को प्राचार्य डॉ. विनय शर्मा ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
7 नामजद, 2 गिरफ्तार
प्राचार्य की शिकायत पर भिलाई नगर थाना पुलिस ने NSUI के 7 नेताओं और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोपियों में दीपक पाल, हरदीप पात्रे, आनंद यदु, नितेश गुप्ता, आशीष कालो, भौमित पटेल, अंशुल शर्मा सहित अन्य शामिल हैं।
शुक्रवार (12 दिसंबर) को पुलिस ने दीपक पाल और हरदीप पात्रे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया, जबकि मुख्य आरोपी आकाश कनौजिया अंडरग्राउंड हो गया है।
भिलाई नगर सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना भिलाई नगर में धारा 191(2), 221, 296, 324(1), 61(2) BNS के तहत अपराध दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेजी से की जा रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।
प्राचार्य के समर्थन में उतरा ABVP
इधर इस घटना के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) प्राचार्य के समर्थन में सामने आई है। ABVP नेताओं और छात्रों ने प्राचार्य को आवेदन सौंपकर इस घटना में शामिल कॉलेज के छात्रों का प्रवेश रद्द करने, बाहरी लोगों के कॉलेज में प्रवेश पर रोक लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ABVP का कहना है कि प्राचार्य के साथ हुआ व्यवहार लोकतांत्रिक नहीं, बल्कि खुली गुंडागर्दी है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।