
सक्ती में अधिवक्ताओं का विरोध तेज: कमिश्नर से एसडीएम और तहसीलदार को हटाने की मांग, भ्रष्टाचार व प्रशासनिक अव्यवस्था के लगाए आरोप
सक्ती जिले मे जिला अधिवक्ता संघ सक्ती ने बिलासपुर संभाग के आयुक्त सुनील कुमार जैन को ज्ञापन सौंपकर सक्ती की एसडीएम कावेरी मरकाम और तहसीलदार लक्ष्मीकांत कोरी को तत्काल हटाने की मांग की है। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि राजस्व न्यायालयों में प्रशासनिक अव्यवस्था, भ्रष्टाचार और ई-राजस्व न्यायालय की व्यवस्था के सुचारू संचालन में लगातार समस्याएं बनी हुई हैं, जिससे आम जनता और अधिवक्ताओं का न्यायिक व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन में अधिवक्ता संघ ने बताया कि 14 जुलाई 2026 को आयोजित सामान्य सभा की बैठक में तहसीलदार लक्ष्मीकांत कोरी के कार्यों के खिलाफ सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद कलेक्टर सक्ती को लिखित आवेदन देकर उनका स्थानांतरण करने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

अधिवक्ता संघ का आरोप है कि तहसीलदार कार्यालय में भ्रष्टाचार, ई-राजस्व न्यायालय की व्यवस्था के विफल रहने और अन्य कथित प्रशासनिक अनियमितताओं के कारण राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। इससे बुद्धिजीवियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के बीच न्यायिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास का माहौल बन रहा है।
इसी को लेकर जिला अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर संभाग के आयुक्त सुनील कुमार जैन को ज्ञापन सौंपते हुए न केवल तहसीलदार लक्ष्मीकांत कोरी, बल्कि एसडीएम कावेरी मरकाम को भी सक्ती से हटाने की मांग की है। संघ ने मांग की है कि राजस्व न्यायालयों की निष्पक्षता, पारदर्शिता और आमजन का विश्वास बनाए रखने के लिए दोनों अधिकारियों का शीघ्र स्थानांतरण किया जाए।

सूत्रों के अनुसार, कमिश्नर ने जिला अधिवक्ता संघ की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो को सक्ती एसडीएम कावेरी मरकाम और तहसीलदार लक्ष्मीकांत कोरी को तत्काल प्रभाव से हटाने के लिए निर्देशित किया है।