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Sakti

सक्ती मे जमीन की बढ़ी गाइडलाइन दरों के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल: जिला अध्यक्ष रश्मि गबेल ने पत्रकार वार्ता में सरकार को कठघरे में खड़ा किया, रैली और पुतला दहन के साथ जिलेभर में विरोध तेज

सक्ती जिले मे प्रदेश में जमीन की गाइडलाइन दरों में की गई 10% से 100% तक की बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ दिया है। इसी कड़ी में सक्ती जिले में भी शुक्रवार को कांग्रेस जिला कमेटी की नवनियुक्त अध्यक्ष रश्मि गबेल के नेतृत्व में पत्रकार वार्ता, विरोध रैली और पुतला दहन का आयोजन किया गया। कांग्रेस ने इस फैसले को जनविरोधी, बोझ बढ़ाने वाला और आर्थिक मंदी को बढ़ावा देने वाला बताया।

पत्रकार वार्ता में रश्मि गबेल का तीखा प्रहार

शासकीय विश्रामगृह में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष रश्मि गबेल ने कहा कि प्रदेश की बिष्णु देव सरकार ने जमीन की गाइडलाइन दरों में अचानक की गई 10-100% वृद्धि से आम जनता, किसानों और रियल स्टेट सेक्टर पर भारी बोझ डाल दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद से अब तक भूमि की सरकारी दरें 40% से 500% तक बढ़ चुकी हैं, जो कहीं भी उचित नहीं है।

गबेल ने कहा कि गाइडलाइन बढ़ने से मकान, दुकान और फैक्ट्री बनाने की लागत दोगुनी हो जाएगी। भूमि की खरीदी-बिक्री ठप हो जाएगी, बेरोजगारी और आर्थिक मंदी बढ़ेगी। मुंबई-दिल्ली जैसे बड़े शहरों में भी एक बार में केवल 10-15% ही बढ़ोतरी की परंपरा है, लेकिन छत्तीसगढ़ में 130-500% तक की वृद्धि करना अदूरदर्शिता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नई नीति के तहत कृषि भूमि की बिक्री पर स्टांप ड्यूटी का बोझ इतना बढ़ गया है कि 30 लाख की जमीन पर 22 लाख का रजिस्ट्रेशन शुल्क देना पड़ रहा है। कुछ क्षेत्रों में जमीन की कीमत से अधिक रजिस्ट्री शुल्क देने की स्थिति बन गई है, जो गरीब और मध्यम वर्ग को सीधे प्रभावित कर रहा है।

रियल स्टेट सेक्टर पर बड़ा असर

गबेल ने कहा कि रियल स्टेट कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार देता है, और कांग्रेस सरकार द्वारा 5 डिसमिल से कम भूमि की रजिस्ट्री की अनुमति एवं 30% गाइडलाइन छूट देने से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत थी, लेकिन वर्तमान सरकार के फैसलों ने इस क्षेत्र की कमर तोड़ दी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी योजनाएं चलाने के लिए लगातार जनता पर बोझ बढ़ा रही है जैसे बिजली बिल की 400 यूनिट छूट समाप्त करना, बिजली दरों में वृद्धि करना और अब जमीन के गाइडलाइन रेट में भारी बढ़ोतरी।

जिला कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन, रश्मि गबेल को बधाई

कार्यक्रम के दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष त्रिलोक चंद जायसवाल दादू ने रश्मि गबेल को औपचारिक रूप से प्रभार सौंपा और उन्हें फूलगुच्छा देकर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रश्मि गबेल अनुभवी कार्यकर्ता हैं और उनके नेतृत्व में संगठन और मजबूत होगा। जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों, कांग्रेस पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी उन्हें बधाई दी।

रैली और पुतला दहन, कांग्रेस का सड़क पर जोरदार प्रदर्शन

दोपहर बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में विरोध रैली निकाली, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए कचहरी चौक पहुंची। यहां मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का पुतला दहन करने की कोशिश की गई, जिसे पुलिस ने हल्की झूमाझटकी के बीच रोका, लेकिन कांग्रेस ने प्रदर्शन जारी रखा। कार्यकर्ताओं ने सरकार को जनविरोधी सरकार बताते हुए गाइडलाइन दरों को तुरंत वापस लेने की मांग दोहराई।

कांग्रेस की मांग

कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि बढ़ी हुई गाइडलाइन दरें तुरंत वापस ली जाएं, नक्शा और रजिस्ट्री से जुड़े नियमों को सरल किया जाए, रियल स्टेट सेक्टर को राहत दी जाए, गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ कम किया जाए।

सक्ती जिले में कांग्रेस का यह आक्रामक प्रदर्शन स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि आने वाले दिनों में गाइडलाइन बढ़ोतरी का मुद्दा राजनीतिक रूप से और भी गर्माने वाला है।

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