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सक्ती में 5 निर्माण कार्यों में बड़ी अनियमितता उजागर: उप अभियंता धनंजय सिंह चन्द्रा निलंबित, अधूरे काम का कर दिया था मूल्यांकन

सक्ती जिले में निर्माण कार्यों के मूल्यांकन में अनियमितता पाए जाने पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के उप अभियंता धनंजय सिंह चन्द्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ वासु जैन द्वारा जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

जानकारी के अनुसार, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग जैजैपुर के अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों के मूल्यांकन में गड़बड़ी की शिकायत सामने आई थी। मामले की जांच के लिए कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सक्ती द्वारा जांच दल का गठन किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि उप अभियंता धनंजय सिंह चन्द्रा ने कई निर्माण कार्यों के पूर्ण हुए बिना ही उनका मूल्यांकन प्रस्तुत कर दिया था।

उप अभियंता धनंजय सिंह चंद्रा

जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत पिसौद, बरेकेलखुर्द, खजुरानी और रीवाडीह में किए जा रहे कुल पांच निर्माण कार्यों जिनमें सीसी रोड निर्माण और शासकीय स्कूलों में शौचालय निर्माण शामिल हैं का मूल्यांकन कार्य पूर्ण होने से पहले ही प्रस्तुत कर दिया गया था। बाद में संबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा इन कार्यों को पूरा कराया गया।

मामले में उप अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। उन्होंने 12 मार्च 2026 को प्रस्तुत अपने जवाब में लिखा कि वास्तविक स्वीकृत माप दर्ज कर ढलाई कराने से सरपंच को होने वाली हानि से बचाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया था। हालांकि जांच में उनका यह स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया।

जांच प्रतिवेदन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितता पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत धनंजय सिंह चन्द्रा को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग कार्यालय सक्ती निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

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