
सकर्रा धान खरीदी केंद्र में किसानों से खुली लूट: प्रति बोरी 500-600 ग्राम अतिरिक्त धान लेने का आरोप, कलेक्टर के निर्देशों की अवहेलना, प्रशासनिक निगरानी पर सवाल
सक्ती जिले के सकर्रा धान खरीदी केंद्र में किसानों से खुलेआम मनमानी और शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। खरीदी केंद्र प्रभारी उमाशंकर महेश पर आरोप है कि शासन द्वारा निर्धारित मानक तौल की अनदेखी करते हुए किसानों से प्रति बोरी 500 से 600 ग्राम अतिरिक्त धान जबरन लिया जा रहा है। यह कृत्य न केवल किसानों की मेहनत की कमाई पर सीधा आघात है, बल्कि प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों की खुली अवहेलना भी है।
किसानों के अनुसार, शासन द्वारा प्रति बोरी 40 किलो 700 ग्राम धान तौल का मानक तय किया गया है, जबकि सकर्रा केंद्र में 41 किलो 200 से 300 ग्राम तक धान तौल कराया जा रहा है। नाम उजागर न करने की शर्त पर किसानों ने बताया कि अतिरिक्त धान देने से इनकार करने पर प्रभारी द्वारा धान को “अस्वीकृत” करने की धमकी दी जाती है और यह कहकर दबाव बनाया जाता है कि धान में कंकड़ हैं।
किसानों का कहना है कि धान लौटाए जाने की स्थिति में उन्हें दोबारा परिवहन, मजदूरी और समय का भारी नुकसान उठाना पड़ता है, इसी मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे अतिरिक्त धान वसूला जा रहा है।

वही इस मामले में जिला स्तरीय नोडल अधिकारी विनोद कुमार सिंह का बयान भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने अतिरिक्त धान लिए जाने को यह कहकर सही ठहराने की कोशिश की कि “धान में कंकड़ होते हैं, इसलिए ज्यादा तौल लिया जाता है”, जबकि नियमानुसार कंकड़युक्त धान की खरीदी ही नहीं की जानी चाहिए। इससे पूरे जिले में धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
गौरतलब है कि कलेक्टर अमृत विकास तोपनों ने जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों को सख्त निर्देश दिए हैं कि केवल निर्धारित मानक के अनुसार ही तौल की जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बावजूद सकर्रा केंद्र से सामने आई यह शिकायत प्रशासनिक निगरानी, जवाबदेही और कार्रवाई की गंभीरता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करता है या किसानों की यह शिकायत भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।