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सक्ती टोल प्लाजा पर फिर मनमानी, ओवरलोडिंग के नाम पर अवैध वसूली का आरोप: ट्रांसपोर्टरों का हंगामा, राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंटों लगा जाम, 2 जनवरी तक समझौते के बावजूद समय से पहले वसूली से भड़के वाहन मालिक

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला स्थित टोल प्लाजा पर संचालक की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला ओवरलोडिंग के नाम पर अवैध वसूली का सामने आया है, जिसे लेकर ट्रांसपोर्टरों और टोल प्लाजा कर्मचारियों के बीच जमकर विवाद हुआ। स्थिति इतनी बिगड़ी कि नाराज ट्रांसपोर्टरों ने टोल प्लाजा के सामने अपनी गाड़ियां खड़ी कर दीं, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंटों लंबा जाम लग गया।

जानकारी के मुताबिक, टोल प्लाजा पर ट्रकों को रोककर ओवरलोडिंग का हवाला देते हुए प्रति वाहन करीब 800 रुपये नगद की मांग की जा रही थी। ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि यह राशि न देने पर गाड़ियों को आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा था। जब चालकों और ट्रांसपोर्टरों ने इसका विरोध किया तो टोल कर्मचारियों से तीखी नोकझोंक हो गई, जो बाद में हंगामे में बदल गई।

हंगामे के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। लंबा जाम लगने से आम राहगीरों, यात्रियों और एंबुलेंस जैसे जरूरी वाहनों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी टोल प्लाजा पर विवाद की स्थिति बन चुकी है।

ट्रांसपोर्टरों ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले भी टोल प्लाजा कर्मचारियों ने सड़क पर लोहे का खंभा गाड़कर रास्ता आंशिक रूप से बंद कर दिया था, ताकि वाहन चालकों को मजबूरन टोल प्लाजा से होकर गुजरना पड़े। इस कार्रवाई से भी लोगों में नाराजगी थी।

2 जनवरी तक का था समझौता

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि टोल प्लाजा संचालक और ट्रांसपोर्ट संघ के बीच ओवरलोड वाहनों को लेकर एक समझौता हुआ था, जिसके तहत 2 जनवरी तक ओवरलोडिंग शुल्क तय था और उसका भुगतान पहले ही किया जा चुका था। इसके बावजूद टोल संचालक द्वारा समय से पहले ही दोबारा वसूली शुरू कर दी गई, जिससे ट्रांसपोर्टर भड़क उठे और विरोध प्रदर्शन करने टोल प्लाजा पहुंच गए।

फिलहाल मामले को लेकर टोल प्लाजा पर तनाव का माहौल बना हुआ है। ट्रांसपोर्टरों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर अवैध वसूली पर रोक लगाने और टोल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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