
तमनार हिंसा की होगी जांच, मुख्यमंत्री साय ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत: कोयला खदान विरोध के दौरान पुलिस-ग्रामीण झड़प, कई जवान घायल; वाहनों में आगजनी के बाद 30 से अधिक लोग गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई हिंसक झड़प की जांच कराई जाएगी। इस मामले पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कहा है कि घटना में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि शनिवार को रायगढ़ जिले के तमनार में जिंदल कंपनी की कोयला खदान के विरोध में आंदोलन कर रहे 14 गांवों के ग्रामीणों और पुलिस के बीच तनाव हिंसा में बदल गया। आरोप है कि आंदोलन के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की और एक बस सहित दो वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस झड़प में महिला थाना प्रभारी कमला पुसाम समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने घटना के बाद करीब 30 से 35 लोगों को गिरफ्तार किया है।

दरअसल, तमनार क्षेत्र के ग्रामीण जिंदल कंपनी के गारे पेलमा कोल ब्लॉक की जनसुनवाई को फर्जी बताते हुए विरोध जता रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि जनसुनवाई में उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया। इसी के चलते वे लिबरा के सीएचपी चौक स्थित कंपनी गेट के सामने शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे, जिससे कंपनी में भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था।
शनिवार को पुलिस दल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को समझाइश देते हुए धरना समाप्त करने के लिए कहा। इस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया। बताया जा रहा है कि इसके बाद जैसे ही भारी वाहनों का परिचालन शुरू हुआ, खुरूषलेंगा गांव के पास एक तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से साइकिल सवार ग्रामीण घायल हो गया। इसी घटना से माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और ग्रामीण भड़क उठे।
घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी कमला पुसाम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं, जहां गुस्साए ग्रामीणों ने लाठी-डंडों, लात-घूंसों से हमला कर दिया और पुलिस पर पथराव भी किया। इस हमले में टीआई सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी कानून हाथ में लेने का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
