
धान खरीदी केन्द्र सक्ती में फर्जी नियुक्ति का आरोप: किसानों ने कलेक्टर से की शिकायत, जिम्मेदारों पर गंभीर सवाल
सक्ती जिले मे सेवा सहकारी समिति मर्या. सक्ती-2258 के किसानों ने धान खरीदी केंद्र में की गई कथित फर्जी नियुक्ति और आर्थिक लेन-देन के गंभीर आरोपों को लेकर कलेक्टर सक्ती को लिखित शिकायत सौंपी है। किसानों का कहना है कि उपार्जन केंद्र सक्ती में प्रभारी नियुक्ति प्रक्रिया को नियमों की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से बदला गया है, जो सीधे-सीधे भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
किसानों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार कलेक्ट्रेट ने 20 नवम्बर 2025 को जारी आदेश (क्रमांक–विपणन/धान खरीदी/7889) में कौशलेन्द्र जायसवाल का नाम उपार्जन केन्द्र सक्ती के प्रभारी के रूप में दर्ज किया है, जबकि वे अड़भार शाखा के कर्रपाली विक्रेता हैं और उपार्जन केन्द्र सक्ती से उनका कोई सीधा संबंध नहीं है। किसानों का आरोप है कि इस अवैध नियुक्ति के पीछे समिति सक्ती के अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत कन्दानारा के सरपंच कृष्णा पटेल का हस्तक्षेप है, जिन्होंने पैसों के लेन-देन के आधार पर कौशलेन्द्र जायसवाल का नाम प्रस्तावित किया।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की अनियमितता से न सिर्फ खरीदी व्यवस्था बाधित होगी बल्कि किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि नियुक्ति आदेश को तत्काल निरस्त कर जिम्मेदारों को हटाया जाए। किसानों का यह भी कहना है कि उपार्जन केंद्र का प्रभार समिति के प्रबंधक धनीराम साहू को सौंपा जाए ताकि खरीदी कार्य पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संचालित हो सके।
किसान प्रतिनिधि राजेन्द्र प्रसाद (प्रा. अध्यक्ष), BDC क्षेत्र क्रमांक 24 सहित समिति के सभी कृषक इस शिकायत में शामिल हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इस मामले की प्रतिलिपि जिला खाद्य अधिकारी और सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं सक्ती को भी भेजी गई है।