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ग्राम पंचायत मोहंदीकलां में लाखों का गबन: 3 माह से अटकी जांच, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, अब आंदोलन की चेतावनी

सक्ती जिले के जनपद पंचायत मालखरौदा अंतर्गत ग्राम मोहंदी कलां में 15वें वित्त आयोग की राशि और मकान टैक्स के गबन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा अगस्त माह में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद तीन महीने बाद भी न कार्रवाई हुई और न ही जांच आगे बढ़ी, जिसके चलते प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों व शिकायतकर्ताओं के अनुसार ग्राम पंचायत के तत्कालीन सचिव भवानी लाल भारद्वाज और तत्कालीन सरपंच चमन लाल चौहान पर वर्ष 20 मई 2022 से 31 जनवरी 2025 तक लाखों की राशि में गंभीर गबन के आरोप हैं। बताया गया कि 15वें वित्त योजना के अंतर्गत मूलभूत विकास मद की राशि तथा मकान कर की वसूली में भारी अनियमितताएँ सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राशि का उपयोग कागजों पर दिखाया गया, जबकि अधिकांश कार्य जमीन पर दिखाई ही नहीं देते।

प्रधानमंत्री आवास योजना में भी बड़ा खेल

शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मोहंदी कलां के तत्कालीन सरपंच चमन लाल चौहान के पुराने मकान को नए निर्माण के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना में दर्शाकर सचिव भवानी लाल भारद्वाज और आवास मित्र इंदर कुमार ने मिलकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया। ग्रामीणों का कहना है कि यह सीधा-सीधा भ्रष्टाचार है जिसकी जांच होना बेहद जरूरी है।

3 महीने से जांच ठप, सीईओ पर निष्पक्ष जांच में कोताही के आरोप

ग्रामवासियों ने बताया कि शिकायत 11 अगस्त को कलेक्टर जनदर्शन के माध्यम से की गई थी, साथ ही जनपद पंचायत मालखरौदा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कश्यप को भी लिखित शिकायत सौंपी गई थी। इसके बावजूद 3 महीने बीत चुके हैं, लेकिन न तो दोषियों पर कोई कार्रवाई की गई और न ही जांच टीम की कोई प्रगति सामने आई।

इसके चलते ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। उनका कहना है कि जब शिकायतों का ढेर लगा हुआ है तो फिर जांच में लापरवाही क्यों? आखिर किसके दबाव में कार्रवाई रोककर रखी गई है?

ग्रामीणों की चेतावनी- अब चुप नहीं बैठेंगे

लगातार प्रशासनिक उदासीनता से क्षुब्ध शिकायतकर्ताओं ने अब कठोर कदम उठाने की बात कही है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

इस संबंध मे मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कश्यप ने कहा शिकायत के संबंध में जांच टीम गठित कर दी है। पूरी जांच करवाई जाएगी।

लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह आश्वासन पिछले तीन माह से सिर्फ कागजों तक ही सीमित है।

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