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भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिली: अहमदाबाद बनेगा होस्ट सिटी, ओलिंपिक 2036 की दावेदारी को बड़ा सहारा

भारत को 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी मिल गई है। बुधवार को स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हुई कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक में अहमदाबाद को आधिकारिक तौर पर होस्ट सिटी घोषित किया गया।

इस फैसले के साथ भारत 15 साल बाद फिर से CWG की मेजबानी करेगा। इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में इन गेम्स का आयोजन हुआ था, जहां भारत ने 101 मेडल (38 गोल्ड) जीते थे।

20 साल बाद भारत में होगा बड़ा मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट

भारत में आखिरी बार 2010 में किसी बड़े मल्टी-स्पोर्ट्स टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था। इससे पहले देश 1951 और 1982 के एशियन गेम्स और 2003 में हैदराबाद में एफ्रो-एशियन कप की मेजबानी कर चुका है। 2030 का आयोजन भारत में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देगा।

मेजबानी क्यों खास?

कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी सिर्फ खेल आयोजन नहीं, बल्कि किसी देश की अंतरराष्ट्रीय छवि, विकास क्षमता और वैश्विक भरोसे को भी दर्शाती है। अब तक 9 देश इन गेम्स की मेजबानी कर चुके हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज्यादा 5 बार आयोजन किया है।

ओलिंपिक 2036 की दावेदारी होगी और मजबूत

CWG 2030 की मेजबानी से भारत की ओलिंपिक 2036 के लिए दावेदारी और पुख्ता मानी जा रही है। भारत पहले ही 2036 ओलिंपिक की मेजबानी के लिए दावेदारी पेश कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लाल किले से इसकी आधिकारिक घोषणा की थी।

2010 कॉमनवेल्थ गेम्स मे भारत का प्रदर्शन

2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रदर्शन

2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 22 गोल्ड सहित कुल 61 मेडल जीते थे। कुश्ती, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स से अकेले 30 मेडल आए थे। महिला क्रिकेट टीम ने भी सिल्वर मेडल जीता था।

100 साल पूरे करेंगे कॉमनवेल्थ गेम्स

कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुई थी। पहले इसका नाम ‘ब्रिटिश एम्पायर गेम्स’ था, जिसे 1978 में बदलकर ‘कॉमनवेल्थ गेम्स’ किया गया। 2030 के आयोजन में इन गेम्स के 100 साल पूरे होंगे।

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