
सक्ती के सोंठी में विकास की खुली पोल: कीचड़ भरे रास्ते से 1 किमी तक कंधे पर शव ले जाने को मजबूर हुए ग्रामीण, वर्षों से सड़क निर्माण की मांग, जिला पंचायत सीईओ बोले- जानकारी लेकर कार्रवाई करेंगे
सक्ती जिले से सटे ग्राम पंचायत सोंठी में बुनियादी सुविधाओं की कमी की एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है। बारिश के कारण सड़क कीचड़ और पानी से लबालब होने के चलते ग्रामीणों को एक बुजुर्ग महिला का शव करीब एक किलोमीटर तक कंधे पर उठाकर श्मशान घाट तक ले जाना पड़ा। इस दौरान ग्रामीणों ने कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने के साथ बोराई नदी भी पार की। घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत सोंठी निवासी कमलाबाई महंत (लगभग 60 वर्ष) का गुरुवार रात बीमारी के कारण निधन हो गया। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर निकले, लेकिन गांव से श्मशान जाने वाली मुख्य सड़क बारिश के कारण पूरी तरह कीचड़ और पानी में तब्दील हो चुकी थी। सड़क की स्थिति इतनी खराब थी कि किसी वाहन या एंबुलेंस का वहां तक पहुंचना संभव नहीं था। मजबूरी में ग्रामीणों ने शव को कंधों पर उठाकर करीब एक किलोमीटर पैदल सफर तय किया और बोराई नदी पार कर दफन स्थल तक पहुंचे।

ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे फाटक से बोराई नदी तक लगभग एक किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग वे कई वर्षों से करते आ रहे हैं। उनके अनुसार इस मार्ग के लिए मनरेगा के तहत मिट्टी-मुरुम सड़क निर्माण का प्रस्ताव ग्राम पंचायत से पारित कर जनपद पंचायत भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक किसी भी योजना के तहत सड़क निर्माण की स्वीकृति नहीं मिली। बरसात के मौसम में यह रास्ता पूरी तरह दलदल में बदल जाता है, जिससे ग्रामीणों को हर वर्ष भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला और जनपद पंचायत प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए जल्द सड़क निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी गांव में अंतिम यात्रा के लिए भी सम्मानजनक रास्ता उपलब्ध नहीं है, जो प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ग्राम पंचायत सोंठी के सचिव रामनारायण सिदार ने बताया कि मनरेगा के तहत मिट्टी सड़क निर्माण का प्रस्ताव जनपद पंचायत में भेजा जा चुका है। वहीं, जिला पंचायत सीईओ वासु जैन ने कहा कि मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।