
दिल्ली-एनसीआर में बीमा ठगी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई: तीन आरोपी गिरफ्तार; नोएडा मॉल से चल रहा था कॉल सेंटर
दिल्ली-एनसीआर में बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। नोएडा स्थित एक मॉल में संचालित कॉल सेंटर से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और बैंक दस्तावेज बरामद हुए हैं। गिरोह लोगों को बीमा पॉलिसी मैच्योर होने और बोनस दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठगता था।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वॉइस चेंजर एप की मदद से महिलाओं की आवाज में कॉल करते थे। वे खुद को बीमा लोकपाल या नियामक संस्था का अधिकारी बताकर लोगों को भरोसे में लेते और पॉलिसी का पैसा दिलाने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस मांगते थे। झांसे में नहीं आने पर बार-बार कॉल कर दबाव बनाया जाता था। इसी तरीके से सेजबहार निवासी एक व्यक्ति से करीब 9.69 लाख रुपए की ठगी की गई।
गिरफ्तार आरोपी और नेटवर्क
पकड़े गए आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी अनिल सिंह (37), अजय तिवारी (33) और रिंकू सिंह (41) के रूप में हुई है। तीनों एक अन्य मास्टरमाइंड के लिए कमीशन पर काम करते थे, जिसे दिल्ली से हिरासत में लिया गया है। गिरोह में कॉलिंग, डेटा मैनेजमेंट और पैसे निकालने तक के लिए अलग-अलग लोगों को जिम्मेदारी दी गई थी।
मॉल में चल रहा था हाईटेक कॉल सेंटर
नोएडा के पॉश इलाके में स्थित गौर सिटी मॉल में गिरोह ने ऑफिस खोल रखा था, जहां एक दर्जन से अधिक लोग काम करते थे। कर्मचारियों को 12 से 15 हजार रुपए मासिक वेतन दिया जाता था। इंटरनेट कॉलिंग और विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए ठगी को अंजाम दिया जाता था ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।
बढ़ते साइबर फ्रॉड के आंकड़े
प्रदेश में पिछले डेढ़ साल में 100 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर ठगी सामने आ चुकी है। अकेले रायपुर में करीब 48 करोड़ रुपए की ठगी दर्ज की गई है। देशभर में बीमा क्लेम और बोनस से जुड़े ठगी के 2.57 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं।
पुलिस की अपील – सतर्क रहें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर अपनी निजी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। बीमा से जुड़ी जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंट या कार्यालय से ही संपर्क करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
