Raipur

बीपी मशीन के डिब्बे में छिपा ड्रग्स: कुरियर से चल रही था सप्लाई का खेल, लोहा कारोबारी गिरफ्तार, बड़ा नेटवर्क बेनकाब

राजधानी रायपुर में ड्रग्स तस्करी के नए तरीके का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कुरियर के जरिए मंगाए गए पार्सल से एक लोहा कारोबारी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से बीपी मशीन के डिब्बे में छिपाकर भेजा गया 4.55 ग्राम ड्रग्स बरामद हुआ है। जब्त ड्रग्स की कीमत करीब 2.27 लाख रुपए बताई जा रही है।

ऐसे चल रहा था नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, आरोपी गीतांजलि नगर निवासी कृष्ण गोपाल अग्रवाल (28) लोहा ट्रेडिंग का काम करता है और खुद भी नशे का आदी है। वह दिल्ली के तस्करों के संपर्क में आकर ड्रग्स मंगाता था। शुरुआत में वह व्यक्तिगत उपयोग के लिए मंगाता था, लेकिन बाद में दोस्तों और पार्टियों के लिए भी सप्लाई करने लगा। आरोपी शहर के आउटर में वीकेंड पार्टियां आयोजित करता था, जहां युवाओं को ड्रग्स उपलब्ध कराया जाता था।

बीपी मशीन में छिपाकर भेजा गया पार्सल

गुरुवार को आरोपी ने कुरियर के जरिए ड्रग्स मंगाया था। पार्सल डिलीवरी के दौरान पुलिस ने छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया। जांच में बीपी मशीन के डिब्बे के अंदर ड्रग्स छिपाकर भेजा गया था, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर साइबर जांच के लिए भेजा है, जिसमें कई संदिग्ध चैट भी मिले हैं।

दिल्ली से जुड़ा अंतरराज्यीय कनेक्शन

प्रारंभिक जांच में आरोपी का नाइजीरियन तस्करों से कनेक्शन सामने आया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली के कुछ नाइजीरियन नागरिक इस नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं, जो विदेश से ड्रग्स मंगाकर देश के अलग-अलग शहरों में सप्लाई कर रहे हैं। पुलिस ने कुरियर के जरिए भेजे गए पार्सल की जानकारी जुटाकर जांच तेज कर दी है और जल्द ही टीम दिल्ली भेजी जाएगी।

तस्करी का बदलता तरीका, पुलिस के लिए बनी चुनौती

पुलिस ने अब तक 80 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार कर उनके नेटवर्क से जुड़े सैकड़ों लोगों की जानकारी जुटाई है। इसके बावजूद ड्रग्स तस्करी पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पाई है। अब तस्कर ऑनलाइन ऑर्डर और कुरियर सर्विस के जरिए सप्लाई कर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई जारी

पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस तरह के अपराधों पर रोक लगाई जा सके।

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