
भाई की डांट से आहत बच्ची ने लगाई फांसी: दरवाजा देर से खोलने पर हुआ विवाद, 10 वर्षीय मासूम ने उठाया खौफनाक कदम, पुलिस जांच में जुटी
दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां भाई की डांट से आहत होकर 10 साल की बच्ची ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना 19 मार्च की शाम गणेश नगर वार्ड-5 की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मृतका गुरप्रीत कौर उर्फ खुशी कक्षा चौथी की छात्रा थी और स्वामी आत्मानंद स्कूल जामुल में पढ़ती थी। घटना के समय वह घर पर अकेली थी और मोबाइल पर अपने पिता से बात कर रही थी।
इसी दौरान उसका बड़ा भाई घर पहुंचा और दरवाजा खटखटाने लगा, लेकिन फोन पर स्पीकर ऑन होने के कारण बच्ची को आवाज सुनाई नहीं दी। देर से दरवाजा खोलने पर भाई ने उसे डांट दिया, जिससे वह आहत हो गई।
बताया जा रहा है कि बच्ची ने इस घटना की जानकारी अपने पिता को दी, जिसके बाद पिता ने फोन पर बड़े भाई को डांटा। इससे नाराज होकर भाई ने फिर से बच्ची को डांट दिया और अपने कमरे में चला गया।
कुछ देर बाद जब भाई ने पानी मांगा और कोई जवाब नहीं मिला, तो बाहर आकर देखा कि बच्ची गैलरी में चुन्नी का फंदा बनाकर पंखे से लटकी हुई थी। परिजनों और पड़ोसियों की मदद से उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्ची ने टेबल के सहारे फंदा बनाकर यह कदम उठाया। घटना के समय घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था।
जामुल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं है।
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, कम उम्र के बच्चे डांट-फटकार को सही तरीके से समझ नहीं पाते और इसे अपमान के रूप में लेते हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना और उनकी भावनाओं को समझना बेहद जरूरी है।
