
अहिरन नदी में नहाने उतरा युवक लापता, तलाश जारी: दोस्तों को छलांग लगाते देख नदी में कूदा, बाहर नहीं आया युवक, दूसरे मामले में लापता युवती का शव बरामद, जांच में जुटी पुलिस
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की अहिरन नदी एक बार फिर हादसों का केंद्र बन गई है। कुसमुंडा क्षेत्र में मंगलवार दोपहर दोस्तों के साथ नहाने गया एक युवक नदी में छलांग लगाने के बाद लापता हो गया, जिसकी तलाश जारी है। वहीं, अलग घटना में शनिवार से लापता 24 वर्षीय युवती का शव बुधवार सुबह नदी से बरामद किया गया। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, एसईसीएल कुसमुंडा में डंपर ऑपरेटर निर्मल सिंह ठाकुर का पुत्र निखिल सिंह अपने दोस्तों के साथ विकास नगर आईबीपी क्षेत्र स्थित एनटीपीसी रेलवे पुल के नीचे अहिरन नदी में नहाने गया था। बताया जा रहा है कि पहले उसके कुछ दोस्तों ने ऊंचाई से नदी में छलांग लगाई। उन्हें देखकर निखिल ने भी नदी में छलांग लगा दी। दोस्त तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन निखिल कुछ देर बाद पानी से बाहर नहीं आया।

घटना के बाद घबराए दोस्तों ने तत्काल परिजनों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कुसमुंडा पुलिस मौके पर पहुंची। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी नदी किनारे जमा हो गए। गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस और राहत दल द्वारा लगातार खोजबीन की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां नदी काफी गहरी है और पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद लोग यहां नहाने पहुंचते हैं।

24 वर्षीय युवती की मिली लाश
इधर, दूसरे मामले में कुसमुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम खमरिया वैशाली नगर से 9 मई की शाम से लापता 24 वर्षीय निर्मला यादव का शव अहिरन नदी में बरामद किया गया। परिजनों ने युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट सोमवार को कुसमुंडा थाने में दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

बुधवार सुबह ग्राम खम्हरिया से लगे पाली खोड़री बसावट के पीछे नदी में शव दिखाई देने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अहिरन नदी का एनटीपीसी पुल और आसपास का क्षेत्र गहराई के कारण बेहद खतरनाक माना जाता है। इसके बावजूद यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। न चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा उपाय बढ़ाने और हादसों पर रोक लगाने की मांग की है।

